Sunday, October 18, 2026
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‘बंटवारा 1947’ के प्रदर्शन से निराश शबाना आजमी, पूछा- सनी देओल को मुस्लिम किरदार में क्यों नहीं देख सकते?

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। सनी देओल की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को समीक्षकों और दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म की रिलीज इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ के साथ हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म अपनी प्रतिद्वंद्वी से काफी पीछे रह गई। दिलचस्प बात यह है कि दोनों फिल्मों में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी अहम भूमिकाओं में नजर आई हैं।

जहां शबाना आजमी ‘आवारापन 2’ की सफलता से खुश हैं, वहीं ‘बंटवारा 1947’ के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन ने उन्हें निराश किया है। अभिनेत्री ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर दर्शकों को सनी देओल को मुस्लिम किरदार में स्वीकार करने में परेशानी क्यों हुई।

‘बंटवारा 1947’ के प्रदर्शन पर क्या बोलीं शबाना?

बातचीत के दौरान शबाना आजमी ने फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि उनके आसपास कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने फिल्म देखने के बाद इसकी तारीफ की और इसके संदेश को भी पसंद किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में दर्शक सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे। अभिनेत्री ने कहा कि फिल्म देखने वाले लोगों की प्रतिक्रिया भी मिली-जुली रही, जो उनके लिए निराशाजनक है।

सनी देओल के मुस्लिम किरदार पर उठाया सवाल

शबाना आजमी ने सनी देओल के किरदार को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘कुली’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अमिताभ ने मुस्लिम किरदार निभाया था और दर्शकों ने उन्हें आसानी से स्वीकार किया था।

शबाना के मुताबिक, ‘कुली’ में अमिताभ के किरदार से जुड़ा मुस्लिम पहचान का प्रतीक भी दिखाया गया था, फिर भी दर्शकों को इसे स्वीकार करने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने सवाल किया कि क्या मौजूदा माहौल में जानबूझकर इस तरह का भेदभाव पैदा किया जा रहा है।

‘हिंदुस्तान-पाकिस्तान’ के विषय पर भी बोलीं शबाना

शबाना आजमी ने कहा कि आज के समय में हिंदुस्तान-पाकिस्तान से जुड़ा विषय हिंदी सिनेमा में छूना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने इसे निराशाजनक बताया। अभिनेत्री ने ‘बंटवारा 1947’ को राजनीतिक रूप से गलत फिल्म मानने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि फिल्म में उन्हें ऐसी कोई खामी नजर नहीं आती और सनी देओल ने अपने किरदार में शानदार काम किया है।

खास तौर पर सनी देओल के साथ अपने भावनात्मक दृश्यों का जिक्र करते हुए शबाना ने कहा कि उन्हें वास्तव में ऐसा महसूस हुआ कि फिल्म में उनका किरदार उस बुजुर्ग महिला की परवाह करता है। अभिनेत्री ने फिल्म की तारीफ और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के बीच के अंतर को विरोधाभासी बताया।

‘बंटवारा 1947’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

  • ‘बंटवारा 1947’ और ‘आवारापन 2’ एक ही दिन रिलीज हुई थीं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक:
  • पहले दिन: 5.75 करोड़ रुपये
  • पहला हफ्ता: 33.60 करोड़ रुपये
  • कुल कलेक्शन: 37.70 करोड़ रुपये
  • आवारापन 2 का कुल कलेक्शन: 145.45 करोड़ रुपये
  • इस तरह बॉक्स ऑफिस पर ‘आवारापन 2’ ने ‘बंटवारा 1947’ को काफी पीछे छोड़ दिया।

‘बंटवारा 1947’ के बारे में

‘बंटवारा 1947’ भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म है। यह उर्दू नाटक ‘जिस लाहौर नई वेख्या ओ जम्याई नई’ से प्रेरित है। फिल्म में सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा, करण देओल और कनिका कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जबकि आमिर खान इसके निर्माता हैं। फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।

दोनों फिल्मों में शबाना आजमी का अलग अंदाज

‘आवारापन 2’ में शबाना आजमी ने डॉन का किरदार निभाया है, जबकि ‘बंटवारा 1947’ में वह एक बुजुर्ग महिला की भूमिका में नजर आई हैं। दोनों फिल्मों में उनके किरदार एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।

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