जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित गंभीर उल्लंघन के मामले में सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। खाद्य नियामक ने कंपनी का फूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही निलंबन की अवधि में कंपनी को खाने-पीने से जुड़ी सभी व्यावसायिक गतिविधियां बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच में सामने आईं गंभीर खामियां
FSSAI के मुताबिक, जांच के दौरान परिसर में साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी कई गंभीर कमियां पाई गईं। इनमें पानी जमा होना, दुर्गंध, गंदगी और खाना बनाने वाले क्षेत्रों की उचित सफाई नहीं होना शामिल है। निरीक्षण के दौरान टमाटर, पपीते, गुड़ और काजू में फफूंद पाई गई, जबकि शिमला मिर्च सड़ी हुई मिली। इसके अलावा खाना पकाने का तेल भी काला और खराब स्थिति में पाया गया।
मांस और शाकाहारी भोजन के भंडारण में भी लापरवाही
जांच में खाद्य पदार्थों के भंडारण को लेकर भी गंभीर कमियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, मांस और शाकाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखा गया था। मांस के उचित भंडारण की व्यवस्था भी नहीं मिली।
कोल्ड स्टोरेज यूनिट में रखे खाद्य पदार्थों पर पानी की बूंदें गिरती हुई पाई गईं। इसके अलावा रेफ्रिजरेटर से लीकेज, बर्फ जमने, प्लास्टर गिरने, पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज की कमी और खराब वेंटिलेशन जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
कॉकरोच और मक्खियां भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान परिसर में कॉकरोच और मक्खियों की मौजूदगी भी पाई गई। एफएसएसएआई के अनुसार, साफ-सफाई, रिकॉर्ड मेंटेन करने और पानी की जांच से जुड़े निर्धारित मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था।
मौके पर नष्ट किया गया 74 किलो खराब खाद्य पदार्थ
खाद्य सुरक्षा जांच के दौरान करीब 74 किलोग्राम खराब खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कंपनी का अनुपालन स्कोर महज 30 प्रतिशत पाया गया, जिसे खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की दृष्टि से गंभीर कमी के रूप में दर्ज किया गया।
लाइसेंस निलंबित, कारोबार रोकने का निर्देश
इन कमियों को देखते हुए FSSAI ने सेवन सीज हॉस्पिटैलिटी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नियामक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निलंबन की अवधि में कंपनी खाद्य और पेय पदार्थों से संबंधित किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं करेगी।
FSSAI ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन, स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य प्रथाओं को सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है।

