जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली में मंगलवार को कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में पार्टी ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के बाद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगाए।
खरगे ने कहा कि जिस तरह आजादी से पहले अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़कर लोगों ने वोट का अधिकार हासिल किया था, उसी तरह अब इस अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है।
‘लोकतंत्र की नींव को कमजोर किया गया’
खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव को कमजोर किया है। उन्होंने दावा किया कि लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण बुनियाद में से एक माना था। खरगे के मुताबिक, आज मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर लोगों के बीच चिंता पैदा हो रही है।
उन्होंने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। खरगे ने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है।
‘संस्थाएं सत्ता के आगे सिर झुकाए खड़ी हैं’
मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर भी खरगे ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग के भीतर ही उसके कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो आम जनता के बीच भरोसा कैसे कायम रहेगा।
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म-6 से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। उन्होंने इसे लेकर पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने में भूमिका निभाई, लेकिन आज यही संस्थाएं सत्ता के सामने कमजोर दिखाई दे रही हैं। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर संस्थाओं को प्रभावित करने की योजना के तहत काम करने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें
- कांग्रेस ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
- मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
- जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और अपील का अवसर मिले।
- राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे जुड़े जरूरी आंकड़े समय पर आसान फॉर्मेट में उपलब्ध कराए जाएं।
- जहां गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।
चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में पर्याप्त पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी पक्ष को जानकारी छिपाए जाने की शिकायत का मौका न मिले।
‘सबसे शक्तिशाली व्यक्ति आम मतदाता’
खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लोगों को अपने वोट की सुरक्षा को लेकर भरोसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को किसी चुनाव में जीत या हार की लड़ाई के तौर पर नहीं देखती।
उनके मुताबिक, चुनाव आते-जाते रहते हैं और सरकारें भी बदलती रहती हैं, लेकिन लोकतंत्र और संविधान देश की स्थायी बुनियाद हैं। खरगे ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे शक्तिशाली व्यक्ति कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या सत्ता में बैठा नेता नहीं, बल्कि आम मतदाता होता है।

