जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को यूपीएससी के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अवसर केवल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 वर्ष पूरे होने का जश्न नहीं है, बल्कि इसकी समृद्ध विरासत का भी उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह उन लाखों युवाओं की आकांक्षाओं का भी सम्मान है, जो हर साल अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीएससी की 100 वर्षों की यात्रा के दौरान कई पीढ़ियां बदलीं। सरकारी व्यवस्थाओं, तकनीक और पाठ्यक्रम में भी समय के साथ बदलाव आया, लेकिन आयोग के प्रति लोगों का भरोसा आज भी कायम है। शताब्दी समारोह के अवसर पर यूपीएससी की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाने वाला एक स्मारक डाक टिकट भी जारी किया गया।
पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वह कार्यक्रम स्थल पर लगी गैलरी देख रहे थे, तो उनकी नजर नेताजी से जुड़ी जानकारी पर गई।
पीएम मोदी ने कहा कि 1920 में सुभाष चंद्र बोस भी इसी चयन प्रक्रिया से गुजरे थे। उन्होंने उस दौर का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश में ब्रिटिश शासन था, लेकिन परीक्षा में संस्कृत का प्रश्नपत्र भी होता था और सुभाष चंद्र बोस ने संस्कृत का पेपर लिखा था।

