जनवाणी संवाददाता ।
मेरठ: चर्चित सौरभ हत्याकांड में बुधवार को जिला अदालत ने दोनों आरोपियों साहिल और मुस्कान को हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी करार दिया। दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। जिला जज ने दोनों से कहा कि अदालत उनके मामले में फैसला सुना रही है, यदि उन्हें कुछ कहना है तो कह सकते हैं। इस पर साहिल और मुस्कान ने कहा कि उन्हें कुछ नहीं कहना है।
अदालत ने दोनों को दोषी करार देने के बाद सजा के निर्धारण के लिए 15 दिन का समय तय किया है। अब अदालत 15 दिन बाद दोनों आरोपियों को दी जाने वाली सजा पर फैसला सुनाएगी। मामले में उम्रकैद से लेकर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान होने की बात सामने आई है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन की ओर से कुल 22 गवाह पेश किए गए। अदालत में मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आज दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
फैसले के बाद सौरभ की मां रेणु ने कहा कि वह आज के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के साथ जिस तरह की घटना हुई, उसके लिए दोनों आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा विश्वास है और आज अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत में सौरभ की मां रेणु, भाई बबलू, मौसी कुसुम और बुआ इंद्रा मौजूद रहीं। आरोपियों साहिल और मुस्कान की ओर से अधिवक्ता रेखा जैन ने पैरवी की, जबकि वादी पक्ष की ओर से विजय बहादुर और डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे ने अदालत में पक्ष रखा।

