नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हर नए महीने की शुरुआत के साथ कई नियमों और व्यवस्थाओं में बदलाव देखने को मिलते हैं। सरकार और संबंधित विभाग समय-समय पर ऐसे बदलाव लागू करते हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों और वित्तीय मामलों पर पड़ सकता है।
1 अक्टूबर 2026 से भी कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुए हैं। इनमें LPG सब्सिडी के नियम, फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़े प्रावधान, जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया और कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमतें शामिल हैं। वहीं, UPI से जुड़े एक शुल्क को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है, जो 15 अक्टूबर से लागू होने की बात कही गई है। आइए जानते हैं 1 अक्टूबर से क्या-क्या बदला है और इसका आप पर क्या असर पड़ सकता है।
LPG सब्सिडी के नियमों में बदलाव
1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है। सब्सिडी का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) महत्वपूर्ण हो गया है।
जिन LPG ग्राहकों ने अभी तक BAA पूरा नहीं कराया है, उन्हें यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। हालांकि, BAA नहीं कराने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहक को LPG सिलिंडर मिलना बंद हो जाएगा।
बिना BAA के भी ग्राहक सिलिंडर खरीद सकेंगे, लेकिन उन्हें सिलिंडर की कीमत मौजूदा बाजार दर के हिसाब से चुकानी पड़ सकती है और LPG सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार के मुताबिक, BAA का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ सही और पात्र परिवारों तक पहुंचे। इसके साथ ही घरेलू LPG के दुरुपयोग को रोकने में भी इससे मदद मिलने की उम्मीद है।
FD से जुड़े नियमों में बदलाव
फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD से जुड़े नियमों में भी 1 अक्टूबर 2026 से बदलाव लागू हुए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने बल्क डिपॉजिट की सीमा में संशोधन किया है।
अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाएगा। इससे पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। बल्क डिपॉजिट पर बैंक अपनी जरूरत और लागू नियमों के अनुसार ब्याज दर तय कर सकते हैं।
इसके अलावा, बैंकों को अपनी लागू FD ब्याज दरें प्रत्येक कार्य दिवस सुबह 10 बजे तक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। इसके लिए 10 मिनट की अतिरिक्त समय-सीमा दी गई है, यानी नई दरें सुबह 10:10 बजे तक वेबसाइट पर उपलब्ध होनी चाहिए।
एक ही तारीख पर समान राशि और समान अवधि के लिए खोली गई FD पर बैंक की सभी शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर लागू करने का प्रावधान भी किया गया है। इससे ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाने और अलग-अलग शाखाओं के बीच अंतर कम करने में मदद मिल सकती है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम हुए सख्त
जन्म और मृत्यु के पंजीकरण से जुड़े संशोधित नियम भी 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। नए प्रावधानों के तहत अगर जन्म या मृत्यु के पंजीकरण में दो साल से ज्यादा की देरी होती है, तो रजिस्ट्रेशन के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश जरूरी होगा।
भारत के रजिस्ट्रार जनरल मृत्युंजय कुमार नारायण की ओर से गजट अधिसूचना के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई है। संशोधन कानून संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप ले चुका है।
UPI पर चार्ज को लेकर क्या बदलेगा?
UPI से जुड़े शुल्क को लेकर भी बदलाव की जानकारी दी गई है। NPCI के प्रावधानों के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेनदेन पर MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू होने की बात कही गई है।
इसका मतलब है कि दुकानदार या व्यापारी को किए जाने वाले कुछ UPI भुगतान पर शुल्क लागू हो सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह अतिरिक्त शुल्क ग्राहकों से सीधे वसूल नहीं किया जाएगा। यह बदलाव 15 अक्टूबर 2026 से लागू होने की बात कही गई है।
कमर्शियल LPG सिलिंडर महंगा
1 अक्टूबर को कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर के दाम 70 रुपये से अधिक बढ़ाए हैं।
कमर्शियल LPG की कीमतें अलग-अलग शहरों में टैक्स और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अलग हो सकती हैं। इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी के बाद नई दरें शहर के हिसाब से अलग-अलग रहेंगी।

