जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मुंबई में विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बने नए ईस्ट-वेस्ट पुल के उद्घाटन से पहले ही उसके नामकरण को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) ने पुल का नाम दिवंगत अभिनेता नाना पाटेकर के नाम पर रखने की मांग की है। वहीं, इससे कुछ दिन पहले भाजपा विधायक पराग शाह ने इस पुल का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने की मांग उठाई थी। दोनों मांगों के सामने आने के बाद पुल के नामकरण को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भाजपा विधायक पराग शाह ने इस संबंध में अधिकारियों को पत्र लिखकर पुल का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने का अनुरोध किया था। कैप्टन मच्छार एक भारतीय कॉमर्शियल पायलट हैं, जिन्हें तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हाईजैकिंग की कोशिश को नाकाम करने के लिए सराहना मिली थी।
शिवसेना (यूबीटी) ने नाना पाटेकर के नाम पर पुल रखने की मांग की
शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने विद्याविहार पुल पर एक बैनर लगाकर इसका नाम ‘पद्म श्री नाना पाटेकर सेतु’ रखने की मांग की है। पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस सप्ताह की शुरुआत में मुंबई की मेयर ऋतु तावड़े से मुलाकात कर उन्हें इस संबंध में एक पत्र भी सौंपा था।
हालांकि, इस मांग पर मेयर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। वहीं, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में सदन के नेता गणेश खनकर ने शिवसेना (यूबीटी) की पहल पर सवाल उठाए।
खनकर ने कहा कि नाना पाटेकर देश के प्रतिभाशाली अभिनेताओं में से एक हैं, लेकिन उनके नाम पर किसी पुल के बजाय बड़े थिएटर या थिएटर कॉम्प्लेक्स का नाम रखना अधिक उपयुक्त होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) इस मुद्दे पर केवल श्रेय लेने के लिए विवाद खड़ा कर रही है।
भाजपा विधायक पराग शाह ने कैप्टन स्मित मच्छार के नाम का दिया सुझाव
इस विवाद से पहले भाजपा विधायक पराग शाह ने विद्याविहार पुल का नाम कैप्टन स्मित मच्छार के नाम पर रखने की मांग की थी। उन्होंने अधिकारियों को पत्र लिखकर इस संबंध में प्रस्ताव रखा था।
कैप्टन स्मित मच्छार को फ्लाईदुबई की तेल अवीव जा रही उड़ान में हाईजैकिंग के प्रयास को विफल करने के लिए एक साहसी पायलट के रूप में सराहा गया था। भाजपा विधायक की मांग के बाद पुल के नामकरण का मुद्दा चर्चा में आया और अब शिवसेना (यूबीटी) की ओर से नाना पाटेकर के नाम का प्रस्ताव दिए जाने से विवाद और बढ़ गया है।
रोहित पवार ने पुणे रिंग रोड का नाम अजित पवार के नाम पर रखने की मांग की
विद्याविहार पुल के नामकरण को लेकर जारी बहस के बीच एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी अपनी मांग सामने रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में कई पुल हैं और अलग-अलग पुलों के नाम अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर रखे जा सकते हैं।
रोहित पवार ने कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र के बड़े नेताओं में से एक थे और उनकी पार्टी की मांग है कि पुणे रिंग रोड का नाम उनके नाम पर रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अभी तक इस मांग पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उनके मुताबिक, पुलों के नामकरण को लेकर अलग-अलग प्रस्ताव हो सकते हैं, लेकिन उनकी पार्टी की प्रमुख मांग पुणे रिंग रोड का नाम अजित पवार के नाम पर रखने की है।
क्या है विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट पुल की खासियत?
विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पास बना यह पुल लंबे समय से लंबित परियोजनाओं में शामिल रहा है। करीब 650 मीटर लंबा और दो लेन वाला यह पुल स्टेशन के पूर्वी हिस्से में स्थित रामचंद्र चेंबुरकर मार्ग को पश्चिमी हिस्से में घाटकोपर के लाल बहादुर शास्त्री मार्ग से जोड़ता है।
बीएमसी के अनुसार, पुल का लगभग 100 मीटर हिस्सा रेलवे ट्रैक के ऊपर बनाया गया है। इसके अलावा, पूर्वी तरफ 220 मीटर और पश्चिमी तरफ 330 मीटर लंबी एप्रोच सड़कें हैं।
परियोजना के तहत रेलवे स्टेशन के फुटपाथों तक पहुंचने वाले रास्तों, टिकट बुकिंग कार्यालयों, स्टेशन मास्टर के कार्यालय और सीढ़ियों का पुनर्निर्माण भी शामिल है। पुल के शुरू होने से स्टेशन के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच आवाजाही अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
फिलहाल, पुल के नामकरण को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की मांगें सामने आ चुकी हैं। अब यह देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस संबंध में क्या निर्णय लेता है।

