जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान इलाके में शनिवार शाम दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई। शुरुआती जांच के मुताबिक, पंडाल में भारी भीड़ के बीच माइक से की गई एक घोषणा के बाद अफरा-तफरी फैल गई। लोगों को बताया गया कि पंडाल की हालत खराब है और उसके गिरने का खतरा है, इसलिए वे तुरंत बाहर निकल जाएं। इस घटना के सिलसिले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
बारिश से बचने के लिए पंडाल में जुटी भीड़
पुलिस के अनुसार, सप्तमी के दिन बारिश के कारण सड़कें फिसलन भरी हो गई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बारिश से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग चोरबागान की संकरी गलियों से होते हुए पंडाल में पहुंचने लगे। अंदर मौजूद लोग भी बारिश के बीच बाहर निकलने से बच रहे थे। ऐसे में प्रवेश और निकास के रास्तों पर भीड़ बढ़ती गई।
इसी दौरान धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ लोग फिसलकर गिर पड़े, जिसके बाद उनके पीछे चल रहे लोग भी उनके ऊपर गिरते चले गए। देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो गई और भगदड़ में कई लोगों की जान चली गई।
माइक से चेतावनी और सीटी बजने से बढ़ी दहशत
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आयोजकों की ओर से माइक पर घोषणा की गई कि भारी भीड़ के कारण पंडाल गिर सकता है और लोगों को तुरंत बाहर निकल जाना चाहिए। इसी बीच स्वयंसेवक सीटी बजाने लगे।
आशंका है कि इस चेतावनी से लोगों में दहशत फैल गई और वे एक साथ बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। इससे भीड़ बेकाबू हो गई। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
सात लोग गिरफ्तार, CCTV फुटेज की जांच जारी
हादसे के बाद चोरबागान सार्वजनिन दुर्गोत्सव समिति के पंडाल को बंद कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज जुटाई है, ताकि भगदड़ से पहले और उसके दौरान हुई घटनाओं का पता लगाया जा सके।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 और 110 के तहत FIR दर्ज की गई है। अब तक गिरफ्तार किए गए सात लोगों में ज्यादातर पंडाल के आयोजक बताए जा रहे हैं। पुलिस आयोजकों, स्वयंसेवकों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में जांच
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घटना की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के एक मौजूदा न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पूजा समिति ने पुलिस, दमकल विभाग और कोलकाता नगर निगम से आवश्यक अनुमतियां ली थीं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CCTV फुटेज के आधार पर यह भी पता लगाया जाएगा कि हादसे के समय भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए गए थे और चेतावनी जारी करने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया गया।
एहतियातन दूसरे पूजा पंडाल भी बंद
चोरबागान में हुए हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर चेतला अग्रणी और ताला प्रतयय समेत कुछ अन्य भीड़भाड़ वाले दुर्गा पूजा पंडालों को भी बंद करा दिया।
रविवार को गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों से मुलाकात की। प्रशासन की ओर से घटना की जांच और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

