- कृषि कानूनों में खुद को दिखाया जकड़ा, सर छोटूराम का स्मृति दिवस भी मनाया
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: हाइवे पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के धरने पर सर छोटूराम का स्मृति दिवस मनाया गया। वहीं दूसरी ओर किसानों ने खुद को बेड़ियों में जकड़कर सन्देश दिया कि इन कृषि कानूनों के कारण देश का सम्पूर्ण किसान इसी तरह से पूंजीपतियों के हाथों जकड़ जाएगा।
शनिवार को सुधीर तालियान कि अध्यक्षता में हाइवे पर चल रहा धरना 21वें दिन शुरू हुआ। धरने की शुरुआत वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। यह यज्ञ सर छोटूराम के स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस यज्ञ में सैंकड़ों की संख्या में किसान शामिल हुए।
इसके बाद किसानों की सभा आयोजित हुई। सभा के दौरान किसानों ने अनूठा प्रदर्शन किया। देशखाप, थाम्बा, चौबीसी समेत दूसरे चौधरियों ने अपने को लोहे की बेड़ियों(सांकल) में बांधकर कृषि कानून विरोधी नारे लगाए। इन किसानों का कहना था कि खुद को बेड़ियों में इसलिए जकड़ा गया है ताकि सरकार को नींद से जगाया जा सके और हमारे दुख की तरफ उनका ध्यान खींचा जा सके।
सड़क पर बैठे किसान बेहद तकलीफ में है, लेकिन वे प्रदर्शन जारी रखे हैं ताकि किसानों की आने वाली पीढ़ियां परेशानी ना भुगतें। उन्होंने कहा, “हम जंजीरों से आजाद हो सकते हैं जब सरकार नए कृषि कानून खत्म कर दें। जब हमारी मांगें पूरी हो जाएंगी तो मैं धरना खत्म कर देंगे और हम खुद इन बेड़ियों से आजाद हो जाएंगे।”
धरने का संचालन विपिन ढिकाना ने किया। इस दौरान थाम्बा चौधरी ब्रजपाल सिंह, बलजोर सिंह, देशखाप चौधरी सुरेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, पूर्व विधायक वीरपाल राठी, विकास बछोड, मुनेश बरवाला, जयवीर सिंह, दरियाव सिंह, सुमेर सिंह आर्य, विक्रम सिंह, वीरेंद्र सिंह, सोमपाल सिंह, गौरव बड़ौत, संजीव तोमर, विकास मलिक, ओमवीर सिंह, सुरेश राणा आदि मौजूद रहे।

