जनवाणी संवाददाता |
बागपत: हर किसी को आने वाले आम बजट में वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीद है। क्योंकि हर बार उनको बजट से निराशा मिलती है, लेकिन इस बार उम्मीद है कि यह बजट व्यापारी, किसान व महिलाओं के लिए कुछ न कुछ लेकर आएगा। महिलाओं ने बजट में महंगाई कम करने, व्यापारियों ने टैक्स कम करने व किसानों ने पेट्रोल, डीजल, खाद, उर्वरक के दाम करने व फसलों के अच्छे दाम देने की मांग की है, ताकि उनको किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
रसोई का रखना चाहिए ध्यान

किरण देवी ने कहा कि वित्त मंत्री को आम बजट में रसोई के बजट का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि महंगाई इतनी ज्यादा हो गयी है कि हर किसी को अपना घर चलाना मुश्किल हो गया है। इसलिए आम बजट में दाल, सब्जी, गैस सिलेंडर आदि के दाम को कम करने का निर्णय लेना चाहिए, ताकि उनपर किसी भी तरह का भार न पड़े।
आम बजट में रखा जाए व्यापारियों का ध्यान

देवेन्द्र गुप्ता ने कहा कि हर बार आम बजट में उनको निराशा मिलती है और सरकार के बजट से वह कोई उम्मीद भी नहीं कर सकते है। लेकिन इस बार जो भी बजट आए उसमें व्यापारियों का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि व्यापार करने में किसी भी तरह की दिक्कत न आ सकें।
व्यापार पर टैक्स होना चाहिए कम

अंकुर जैन ने कहा कि व्यापार करना काफी मुश्किल हो गया और केन्द्र सरकार छोटे व्यापारियों की तरफ ध्यान तक नहीं दे रही है। इसके कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को टैक्स कम करने की तरफ ध्यान देना चाहिए, ताकि व्यापार अपना व्यापार ठीक से कर सकें।
पेट्रोल, डीजल, खाद, उर्वरक के दाम हो कम

जगबीर सिंह ने कहा कि किसान मेहनत करके अपनी फसल को उगाता है, लेकिन उनको उसका उचित दाम तक नहीं मिल पाता है। लगातार पेट्रोल, डीजल, खाद, उर्वरक के दाम आसमान छू रहे है। केन्द्र सरकार को आम बजट में इन सभी के दाम कम करने व फसल का मूल्य उचित देना का काम करना चाहिए। ताकि किसान अपनी फसल की पैदावार बिना किसी भार के कर सकें।
आम बजट ऐसा हो जो व्यापार पर भार कम करें

अमित अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार को आम बजट में व्यापारियों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। यह बजट ऐसा होना चाहिए जिससे व्यापार पर भार कम हो सकें। वैसे तो सरकार व्यापारियों का ध्यान रखती है, लेकिन इस बार आम बजट में महंगाई को कम करने का निर्णय लेना चाहिए। साथ ही व्यापारियों को दूसरे राज्यों में सामान लाने व बेचने में आने वाली दिक्कत को दूर करना चाहिए, ताकि व्यापारी की दिक्कत दूर हो सकें।
नौकरीपेशा को टैक्स स्लैब में मिले राहत

चौधरी रवि जावला का कहना है कि केन्द्रीय वित्त मंत्री को नौकरीपेशा को टैक्स स्लैब में राहत देनी चाहिए और टैक्स स्लैब का दायरा बढ़ाना चाहिए, ताकि उनको किसी भी तरह की दिक्कत न हो। पिछली बार भी टैक्स स्लैब में राहत दी गयी थी और इस बार उन्हें उम्मीद है कि आम बजट में नौकरीपेशा को राहत मिलेगी। इससे उनको काफी फायदा हो जाएगा।

