Tuesday, April 21, 2026
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पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला

  • मायके वालों का आरोप बीमे के पैसों पर थी नजर
  • आरोपी के अपनी भाभी से थे अवैध संबंध
  • महिला के शरीर पर मिले चोट के निशान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बीमे के पैसे हड़पने और प्रॉपर्टी पर कब्जा करने के लिये शास्त्रीनगर सेक्टर दो में टेंट व्यवसायी ने शनिवार देर रात अपनी शिक्षिका पत्नी की पीट-पीट कर हत्या कर दी। रविवार सुबह मामले की जानकारी पर पहुंचे मायके वालों ने आरोपी पर उसके अपनी भाभी से अवैध संबंध होने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने हत्यारोपी पति को हिरासत में लिया और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया। मृतका के पिता ने में पति समेत तीन लागों के खिलाफ तहरीर दी है।

नौचंदी थाना क्षेत्र के टेंट व्यवसायी संजय लूथरा की पंचशील नगर गढ़ रोड पर टेंट की दुकान है। संजय शास्त्रीनगर सेक्टर दो में अपनी 40 वर्षीय पत्नी चंदा अरोरा और आठ वर्षीय बेटे समर्थ के साथ रह रहा था। चंदा खतौली क्षेत्र के गांव लोहड्डा के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका थी।

शनिवार देर रात चंदा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला के चेहरे, गर्दन व शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। महिला की मौत की सूचना देर रात तीन बजे संजय ने अपने ससुर ओमप्रकाश व अन्य परिजनों को दी। रविवार सुबह सूचना के बाद मौके पर पहुंचे महिला के परिजनों ने यहां हंगामा किया और संजय पर हत्या का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि चंदा के शरीर पर चोट के निशान हैं उसकी पीट-पीट कर हत्या की गई है। मामले सूचना मोहल्ले में तेजी से फैली। इस दौरान वहां काफी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया।

इस मामले में पिता ओमप्रकाश ने पति संजय लूथरा, जेठ नवीन, भाभी शालू के खिलाफ 15 लाख रुपये मांगने और हत्या करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। इस मामले में थाना नौचंदी इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा का कहना है कि तहरीर मिल गई है। पोस्टमार्टम के बाद ही हत्या के कारण स्पष्ट हो पाएंगे। आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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शनिवार शाम को ही मिली थी मां से

घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां के पैरों के तले से तो मानों जमीन ही खिसक गई हो। मां सुदेश रानी और बहन ज्योति ने बताया कि शनिवार को ही चंदा पति संजय के साथ खतौली पहुंचे थे। चंदा खतौली में ही टीचर थी। उनकी मां और परिवार के सभी सदस्य खतौली में ही रहते हैं।

शनिवार को विभाग की मीटिंग मुजफ्फरनगर में थी। तीनों बहनें चंदा, बड़ी बहन ममता और छोटी बहन ज्योति शिक्षिकाएं हैं। तीनों मीटिंग में शामिल होने मुजफ्फरनगर गर्इं थी। रात को देर रात वापस आते वक्त चंदा उन्हें खतौली छोड़ते हुए वापस मेरठ आ गई थी। चंदा की मां ने रोते रोते कहा कि अगर उन्हें पता होता ऐसा हो जाएगा तो वह कभी उसे आने ही नहीं देती।

सूचना पर पहुंचे व्यापारी और अन्य लोग

सेंट्रल मर्केट शहर का नामी बाजार है। यहां हमेशा लोगों की भीड़ लगी रहती है। हमेशा लोगों का आना-जाना लगा रहता है। क्षेत्र में महिला की हत्या होने की सूचना तेजी से फैली। जिसके बाद क्षेत्र के व्यापारी नेता और आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे।

मौके पर पहुंचे व्यापारी नेता सतीश गर्ग, विरेन्द्र शर्मा, मुनीष शर्मा, केके गुप्ता, तरुण बहल, तेज सिंह आदि लोगों ने बताया कि आरोपी की किसी से बनती नहीं थी वह तुनक मिजाजी था। उसका अपनी पत्नी से पिछले कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था।

मैंने चंदा को नहीं मारा…

हत्यारोपी पति संजय लूथरा हवालात में बंद था और वहां से चिल्लाता रहा कि मैंने चंदा को नहीं मारा। वह अपनी साली ज्योति से बोला मुझे तेरी कसम मैंने उसे नहीं मारा। उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। पोस्टमार्टम में सब सामने आ जाएगा। वह अपने आपको बेगुनाह बताता रहा।

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बीमे की राशि हथियाने और अवैध संबंधों के चलते की हत्या

शिक्षिका चंदा के पिता ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि उसके पति संजय के अपनी भाभी के साथ अवैध संबंध थे जिसके बारे में चंदा को भी पता चल गया था। वह चंदा को अपने रास्ते से हटाना चाहता था। इसके साथ-साथ उसकी नजर चंदा के द्वारा कराये गये एक करोड़ के बीमे पर भी थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि चंदा ने पति व खुद के नाम करीब एक करोड़ रुपये का बीमा कराया था जिसमें वह नोमिनी था। बीमा राशि लेने के लिये उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके अलावा अभी हाल ही में चंदा ने 35 लाख का लोन भी लिया था। मामले की जानकारी पर मृतका की मां सुदेश रानी, बहन ममता, ज्योति, भाई मोहित और दीपक भी वहां पहुंचे। घटना के बाद से सभी का रो-रो कर बुरा हाल था।

तलाक होने के बाद दोबारा की थी शादी

संजय ने चंदा से जून 2012 में शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही वह चंदा के साथ-मारपीट करता था और उसे परेशान करता था। जिसके बाद इन दोनों ने करीब दो साल पहले तलाक ले लिया था, लेकिन बाद में इन्होंने अभी कुछ माह पूर्व ही फिर से कोर्ट मैरीज कर ली और साथ-साथ रहने लगे थे, लेकिन उसके बाद भी इनके बीच विवाद चला आ रहा था। साली ज्योति ने बताया कि उसका जीजा उसे बिना वजह दवाईयां भी खिलाता था।

क्या कसूर था आठ साल के बेटे का?

मौत और जिंदगी ऊपर वाले के हाथ में है, लेकिन किसी की जिंदगी बनाना और संवारना हमारे खुद के हाथ में होता है। एक पिता अपनी औलाद की जिंदगी बनाता है न कि उसे जिंदगी भर तड़पने के लिये छोड़ देता है। संजय ने अपनी पत्नी की हत्या करते वक्त एक बारगी भी नहीं सोचा कि उसके बाद उस आठ वर्षीय बच्चे का क्या होगा? जिसकी मां को वह उससे दूर कर रहा है। अभी तो उसे छोटे से बच्चे ने ठीक से अपनी दुनिया भी शुरू नहीं की थी।

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टेंट व्यापारी संजय लूथरा और शिक्षिका चंदा का आठ वर्षीय बेटा समर्थ अब इस दुनिया में अकेला रह गया। कहनों को उसके नानी नाना, मामा और मौसी सभी हैं, लेकिन वह बच्चा अभी उनके पास नहीं है। यहां तक अभी तो उसे यह भी नहीं मालूम की उसकी मां को हकीकत में हुआ क्या है।

उसे नहीं पता कि उसे दुलार करने वाली, उसका देखभाल करने वाली, उसके खाने-पीने और पढ़ने से लेकर छोटी-छोटी हर जरूरत का ध्यान रखने वाली उसकी मां इस दुनिया में नहीं है। वह उसे छोड़कर जा चुकी है। और उसे नहीं पता कि उसे अपनी मां से दूर करने वाला उसका पिता ही है।

जिसने एक बार भी नहीं सोचा कि वह क्या कर रहा है। चंदा की हत्या के आरोप में वह हवालात में है और चंद अब है नहीं तो उसके बेटे को कौन संभालेगा। हालांकि समर्थ अभी अपनी अपनी चाली शालू के पास है, लेकिन उसकी आंखे अपनी मां को तलाश कर रही हैं। जिसे उससे दूर करने वाला उसका पिता ही है।

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मां के शव को देख पुकारता रहा मां-मां

समर्थ को नहीं पता था कि उसकी मां यह दुनिया छोड़कर जा चुकी है। जब रविवार सुबह वह सोकर उठा तो उसकी मां का शव कमरे में पड़ा हुआ था। वह अपनी मां को देखकर रोने लगा और मां-मां पुकारकर चिल्लाता रहा, लेकिन उसकी मां उसे सुन नहीं पा रही थी। वह रोता रहा बिलखता रहा, लेकिन अब उसकी आवाज उसकी मां तक नहीं पहुंच रही थी। इस दौरान उसकी चाची व अन्य परिजनों ने उसे संभाला।

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