Tuesday, April 28, 2026
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इमरजेंसी में मर्डर, दो डाक्टरों पर तीन लाख का जुर्माना

  • साल 2013 में पुरानी इमरजेंसी में सरेआम कर दी गई थी एक मरीज की हत्या
  • मानवाधिकार आयोग ने मेडिकल प्रशासन को सुरक्षा इंतजामों में माना लापरवाह

शेखर शर्मा |

मेरठ: मेडिकल के सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल की इमरजेंसी में मरीज की जघन्य हत्याकांड मामले में मानवाधिकार आयोग ने सुरक्षा इंतजामों में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए मेडिकल प्रशासन के दो बडे अफसरों पर तीन लाख का जुर्माना किया है। मानवाधिकार आयोग के इस फैसले पर शासन ने भी मोहर लगा दी है। इस मामले में आए फैसले से मेडिकल प्रशासन के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

ये है पूरा मामला

पूरा वाक्या साल 2013 का है। जानलेवा हमले के बाद घायल अमरोहा निवासी नितिन को मेडिकल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाकर भर्ती कराया गया था। घायल युवक कोर्ट में पहले से चल रहे किसी मामले में संभवत गवाह था। इस युवक की वार्ड में ही चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। भरे वार्ड में अंजाम दिए गए हत्याकांड से मेडिकल में सनसनी फैल गई थी। मामले की गूंज तत्कालीन राज्य व केंद्र सरकार तक सुनाई दी थी।

मरीज बनकर आया था हत्यारा

इमरजेंसी वार्ड में भर्ती नितिन का हत्यारा तीमारदारों तथा स्टाफ को चमकमा देने के लिए मरीज के वेष में आया था। मेडिकल प्रशासन के तत्कालीन स्टाफ से सेटिंग कर वह इमरजेंसी वार्ड में भर्ती हो गया। इतना ही नहीं हत्या नितिन के बेड के बराबर वाले बेड पर लिटाया गया था।

जांच कमेटी बैठी, मामला आयोग में

इमरजेंसी में हत्याकांड के चलते शासन ने आनन-फानन में एक जांच कमेटी बैठा दी थी। उस वक्त मेडिकल प्राचार्य डा. प्रदीप भारती थी तथा इमरजेंसी इंचार्ज डा. सुभाष सिंह थे। डा. प्रदीप भारती रिटायर्ड हो चुके हैं। जबकि डा. सुभाष सिंह वर्तमान में रेडियोथेरेपी विभाग के एचओडी हैं।

पीड़ित परिवार ने मामले के तमाम आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी। मानवाधिकार आयोग ने अपने फैसले की जानकारी केंद्र को दी। केंंद्र ने राज्य सरकार को कार्रवाई के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने फाइल डीजी हेल्थ को यहां भेजी। डीजी हेल्थ से फाइल मेडिकल प्राचार्य को आवश्यक कार्रवाई के आश्य से भेजी गई है।

तीन लाख का जुर्माना

आयोग में लंबी चली सुनवाई के बाद इमरजेंसी वार्ड के सुरक्षा इंतजामों को ना काफी मानते हुए मानवाधिकार आयोग ने मेडिकल के तत्कालीन प्राचार्य डा. प्रदीप भारती व इमरजेंसी इंचार्ज डा. सुभाष सिंह पर कुल तीन लाख का जुर्माना लगाया है। बताया जाता है कि डा. प्रदीप भारती ने जुर्माना राशि का चेक दे दिया है। यह राशि पीड़ित को दी जाएगी।

ये कहना है मेडिकल प्राचार्य का

मेडिकल प्राचार्य ने बताया कि मामला काफी पुराना है। अमरोहा निवासी नितिन की हत्या कर दी गई थी। बराबर वाले बेड पर हत्यारा भर्ती था। मानवाधिकार आयोग ने जुर्माना लगाया है। वर्तमान में मेडिकल में पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

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