- पूर्णिमा पर्व पर पांच कुन्डीय गायत्री यज्ञ व सत्य नारायण कथा हुई
- संत शिरोमणि रविदास जी को भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: गायत्री शक्ति पीठ पर पूर्णिमा पर्व के मौके पर श्री सत्य नारायण की कथा हुई और साधको ने कथा के बाद पांच कुन्डीय गायत्री यज्ञ में भागीदारी करते हुए हवन पूजन किया। इस मौके पर श्री सत्य नारायण व्रत कथा को कहते हुए पीठ के व्यवस्थापक डा. दीपक कुमार ने कहा कि सच से बढ़ कर कोई तप नहीं है और मनुष्य को सदैव सत्य को अपने आचरण में उतारना चाहिए।
शनिवार को गायत्री शक्ति पीठ पर कथा के दौरान डा. दीपक कुमार ने कहा कि सच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप, जाके हृदय सांच है ताके हृदय आप। उन्होंने कहा कि सत्य बोलना और उस सत्य में विन्रमता हो तथा दूसरों का कल्याण छिपा हो तो उसी सत्य को नारायण कहा गया है। डा. दीपक ने कहा कि महापुरूष किसी एक धर्म, जाति या सम्प्रदाय के नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व व मानव जाति के लिए पूजनीय होते हैं।
हमें सदैव महापुरूषों के पद चिन्हों पर चलना चाहिए और उनको अपना आदर्श मानना चाहिए। कार्यक्रम में ब्रहमवादिनी साधकों की टोली मधुबाला गुप्ता सारिका अग्रवाल, रिंकी सिंह, श्रद्धा रानी ने पांच कुन्डीय यज्ञ सम्पन्न कराया। साधकों ने संत शिरोमणि रविदास जी को भी श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कुंभ हरिद्बार आपके द्बार शांति कुंज योजना के अन्तर्गत 50 घरों में कुंभ महत्व की पुस्तके व गंगा जल स्थापित कराए गए। कार्यक्रम में कमल शर्मा, हरीश शर्मा, जितेन्द्र सिंह, छतरपाल सिंह, राज भटनागर, बलवीर सिंह, दुलारी चौहान, श्याम कुमारी, आशा गुप्ता, बीना शर्मा, विनायक संजय शर्मा, नीलम बरनवाल आदि मौजूद रहे।

