- अपने ट्रैक्टरों में तेल भरवाकर दिल्ली कूच को तैयार रहें किसान
- कहा, किसान गेहूं की कटाई भी करेगा और आंदोलन भी चलेगा
जनवाणी संवाददाता |
शामली: भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार अनाज को तिजोरी में बंद कर भूख का व्यापार करना चाहती है। देश को व्यापारी वर्ग चला रहा है इसलिए अभी तक तीन नए कृषि कानूनों को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है अगर सरकार व्यापारी को चलाती तो अब तक कभी का समझौता हो गया होता।
उन्होंने किसानों से कहा कि वे अपनी एक आंख दिल्ली और दूसरी खेत पर रखें। साथ ही, अपने-अपने ट्रैक्टरों में तेल भरवाकर तैयार रखें। क्योंकि उनको कभी भी दिल्ली बुलावे के लिए कॉल आ सकती है।
रविवार को भाकियू नेता चौ. राकेश टिकैत ने जनपद सहारनपुर के लखनौर में आयोजित किसान महापंचायत में शिरकत करने के लिए जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने शामली में पत्रकारों से बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि किसानों से बातचीत में सिर्फ एक कॉल की दूरी है, सवाल पर टिकैत ने कहा कि सरकार के पास सभी संसाधन हैं लेकिन वे न तो कृषि कानूनों पर बात करने और न ही एमएसपी पर कानून बनाना चाहते, न तीन बिलों को वापस लेना चाहते।
उन्होंने कहा कि अगर किसान को एमएसपी अभी नहीं मिली तो फिर किसान को जीवन में एमएसपी की गारंटी नहीं मिल सकती, ऐसे में किसान आधे रेट में अपनी फसल को लुटाता रहेगा। किसान नेता ने कहा कि किसान आंदोलन से देशभर के 40 लाख ट्रैक्टरों को राज्य स्तर पर जोड़ा जाएगा।
इनमें अकेले कर्नाटक से ही 10 हजार टैक्टर शामिल हैं। किसान की एक आंख दिल्ली तो दूसरी खेत में होनी चाहिए, से किसान आंदोलन को मिलने वाली ताकत के सवाल पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने कहा था कि जब गेहूं कटाई होगी तो किसान घर चला जाएगा। लेकिन, किसान ने जवाब देते हुए कहा कि हम एक फसल की कुर्बानी देंगे और आंदोलन के बीच में गेहूं को आने ही नहीं देेंगे। इसलिए किसानों ने अपनी गेहूं की फसल की जुताई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन भी चलेगा और किसान खेत में कटाई भी करेगा।
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान महापंचायतों के सवाल पर कहा कि महापंचायतों के जरिए देशभर के किसानों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। उनको संदेश दिया जा रहा है वे अपने-अपने ट्रैक्टरों में तेल भरवाकर तैयार रखें, कभी भी दिल्ली बुलाने के लिए कॉल हो सकती है।
किसान नेता ने कहा कि सरकार अनाज को तिजोरी में बंद करना चाहती है। देश में भूख पर व्यापार करना चाहती है लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। टिकैत ने कहा कि वर्तमान में व्यापारी देश की सरकार को चला रहा है अगर सरकार व्यापारी को चलाती तो कभी का कृषि कानून पर समझौता हो गया होता।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि गांव में भाजपा के सांसद-विधायकों को जाने कौन मना कर रहा है। अगर गांव कोई व्यक्ति उनसे सवाल करता है तो फिर जवाब भी देना पड़ेगा। अब गांव में लोग भी कहने लगे हैं कि जो सांसद-विधायक अपनी पेंशन छोड़ेगा, उसको भविष्य में वोट दिया जाएगा।
दिल्ली में गाजीपुर बॉर्डर पर धरने को लेकर किसान नेता ने कहा कि ये आंदोलन अभी लंबा चलेगा, क्योंकि सरकार अभी मान नहीं रही है।
इस अवसर पर प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, मास्टर जाहिद, चौ. योगेन्द्र सिंह, अनिल मलिक, संजीव राठी, दीपक शर्मा, जितेंद्र निर्वाल, अमित निर्वाल आदि उपस्थित रहे।

