- पूरे मामले में अब तक 18 लोग किए जा चुके हैं नामजद
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: टपरी स्थित देशी शराब फैक्ट्री में कर चोरी का मामला काफी संगीन है और इसके तार गहरे तक हैं। दिलचस्प ये है कि इसमें खुद आबकारी विभाग के अफसर ही संलिप्त हैं। यानि कि जब खेत को बाड़ ही खाने लगे तो क्या कहा जाए।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी को कुछ ऐसे तथ्य मिलने वाले हैं, जिससे कि आबकारी विभाग के कुछ और अफसरों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। बता दें कि कोतवाली देहात क्षेत्र के टपरी में देसी शराब बनाने की फैक्ट्री है। दो रोज पहले यहां कर चोरी का बड़ा खुलासा हुआ था। टैक्स चोरी प्रकरण की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस पूरे मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची है।
इसी से प्रमुख सचिव गृह के आदेश पर मामले की जांच लखनऊ एसआईटी को सौंप दी गई है।आगे की विवेचना आइपीएस देव रंजन तिवारी के नेतृत्व में होगी। सूत्रों का कहना है 100 करोड़ से ज्यादा चोरी के मामले की जांच में कई बड़े खुलासे होंगे। स्थानीय पुलिस दबाव में आ सकती थी, इसलिए जांच लखनऊ एसआईटी को सौंपी गयी है।
को-आपरेटिव लिमिटेड नामक देसी शराब की फैक्ट्री में लखनऊ एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह और मेरठ एसटीएफ के सीओ बृजेश सिंह ने शराब फैक्ट्री में टैक्स चोरी पकड़ी थी। पहले दिन 34 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गई थी। बाद में जांच में राजफाश हुआ कि साल में 100 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी की जा रही थी।
इसके संबंध में सहायक आयुक्त आबकारी प्रवर्तन मेरठ मोहम्मद आरिफ जमील की तरफ से देहात कोतवाली में दो मुकदमे दर्ज किए गए। दोनों मुकदमों में 18 लोग नामजद हुए। इसकी जांच के लिए एसएसपी डा. एस चन्नपा ने नकुड़ सीओ अरविंद पुंडीर के नेतृत्व में एक एसआइटी का गठन किया गया।
हालांकि अभी स्थानीय एसआइटी ने एफआइआर भी ठीक से नहीं पढ़ी थी कि शुक्रवार की रात अचानक इस इन दोनों मुकदमों की जांच को प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी के आदेश पर लखनऊ एसआइटी को सौंप दिया गया है। बता दें कि लखनऊ में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का अलग से विभाग है। जबकि जिलों में पुलिस के कुछ अफसरों को एसआइटी में नियुक्त किया जाता है।
आज पहुंचेगी लखनऊ एसआइटी की टीम
दरअसल, फैक्ट्री को तो चार दिन पहले ही बंद करा दिया गया था। हालांकि वहां पर गार्ड बैठे हुए है। लखनऊ एसआइटी के प्रभारी आइपीएस देव रंजन तिवारी ने स्थानीय अधिकारियों से इस संबंध में बात करके फैक्ट्री में बाहरी और स्टाफ के लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। रविवार को एसआइटी की टीम फैक्ट्री में जाएगी और जांच करेगी।
यह है पूरा मामला
मेरठ और लखनऊ की एसटीएफ ने टपरी स्थित देसी शराब की फैक्ट्री में छापा मारकर टैक्स चोरी पकड़ी थी। जिसमें एसटीएफ ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इन मुकदमों में आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा और सहायक आबकारी आयुक्त जगराम पाल भी नामजद है। वहीं, फैक्ट्री का मालिक प्रणय अनेजा और दोनों आबकारी अधिकारी अभी फरार चल रहे हैं।

