- दरकते रिश्ते: कहीं बाल झड़ने पर तो कहीं सेल्फी न लेने पर टूट रहे परिवार, बच्चों पर पड़ता है असर
विनोद फोगाट |
मेरठ: दंपति के बीच झगड़े होना आम बात है, लेकिन जब छोटे-छोटे झगड़े एक-दूसरे से अलग होने की वजह बन जाए तो इससे एक हंसता-खेलता परिवार बिखर जाता है। यही नहीं दंपति के बीच रोजाना झगड़े होने का असर उनके बच्चों पर भी पड़ता है, जिससे उनकी परवरिश पर भी सीधा असर पड़ता है।
ऐसे ही अनसुलझे मामले आए दिन परामर्श केंद्र में भी पहुंच रहे है। जिन्हें सुलझाने के लिए परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी को कई महीनों तक दंपति की काउंसिलिंग करनी पड़ रही है।
हालांकि परिवार परामर्श केंद्र में कुछ ऐसे अजीबों-गरीब मामले भी आते है, जिन पर चर्चा करना भी अजीब सा ही लगता है। फिलहाल ऐसे तीन मामले सामने है, जिनमे पति के सेल्फी न लेने और बाल झड़ने पर पत्नी ने तलाक लेने के लिए पुलिस से शिकायत तक कर दी।
केस-एक
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी मोनिका जिंदल ने बताया कि कुछ समय पहले उनके पास एक महिला की अर्जी आई थी कि वह अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती। जब उससे इस बारे में बारीकि से पूछा गया तो बताया कि उसने अपने होने वाले पति के घने घुंघराले बालों को देखकर ही शादी की हामी भरी थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही पति के साथ बाल झड़ गए, जिस कारण अब वह तलाक चाहती है। पीपीके प्रभारी ने बताया कि उन्होंने दंपति को बैठाकर उनकी काउंसिलिंग की और दो तारीखों में ही उनके बीच समझौता हो गया। हालांकि अब यह दंपति हंसी-खुशी अपना दांपत्य जीवन जी रहा है।
केस-दो
ऐसा ही एक ओर दिलचस्प मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचा। जहां पर एक महिला ने अर्जी लगाते हुए कहा कि पति उसके साथ सेल्फी नहीं लेता, जिस कारण उसे तलाक दिलाया जाए। जिस पर परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी मोनिका जिंदल ने महिला के पति को बुलाया तो उसने पत्नी के आरोप गलत बताएं। इसी के साथ उसने पत्नी के साथ ली गई कुछ सेल्फी भी दिखाई। जिसके बाद उन दोनों को साथ बैठाकर काउंसिलिंग की गई तो जल्दी ही उनके बीच समझौता हो गया। यह परिवार भी अब आराम से एक साथ रह रहा है।
केस-तीन
परिवार परामर्श केंद्र की प्रभारी मोनिका जिंदल ने बताया कि एक मामला उनके पास लव मैरिज का आया। जिसमें उन्हें दंपति के बीच कई बार काउंसिलिंग करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि महिला का आरोप था कि शादी से पहले पति उसकी सारी बात सुनता था। लेकिन शादी के बाद उसका रवैया बदल गया और उसकी बातों को नजरअंदाज कर देता है। हालांकि उनके अब एक बेटी भी है। मोनिका जिंदल ने बताया कि उनकों इस मामले में ज्यादा मेहनत करनी पड़ी, लेकिन अब यह परिवार भी आराम से अपना जीवन जी रहा है। उधर इस संबंध में परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी मोनिका जिंदल का कहना है कि छोटी-छोटी बातों को लेकर दंपति के बीच बढ़ रहे मामलों का मुख्य कारण संयुक्त परिवार न होना है। परिवार में जब कोई बुजुर्ग नहीं होता तो अक्सर ऐसी बातों को लेकर विवाद ज्यादा बढ़ जाता है। आज की युवा पीढ़ी में सुनने व बर्दाश्त करने की क्षमता भी कम रह गई है।

