- 20 से 22 मार्च के बीच पहली प्रस्तावित सूची का प्रकाशन, 26 मार्च को अंतिम सूची
- आरक्षण का आधार वर्ष 2015 मानकर सूची जारी होगी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हाईकोर्ट से लगे झटके के बाद प्रदेश सरकार ने अब नए सिरे से पंचायत चुनावों को लेकर आरक्षण सूची बनाने पर काम शुरू कर दिया है। बुधवार को राज्य सरकार ने नई आरक्षण सूची को लेकर जिलों के डीएम को स्पष्ट दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। निर्देशों के मुताबिक, अब पंचायत चुनाव में आरक्षण का आधार वर्ष 2015 मानकर आरक्षण सूची जारी की जाएगी।
देर शाम सभी जिलाधिकारियों को गाइड लाइन भेज दी गई। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक सिन्हा ने बताया कि नई गाइड लाइन के आधार पर काम शुरू हो जाएगा।
पंचायत चुनावों की आरक्षण नीति के खिलाफ हाईकोर्ट ने 1995 की आरक्षण आधार वर्ष को खारिज करके नये सिरे से 2015 के आधार वर्ष को मानते हुए आरक्षण सूची जारी करने को कहा था। हाईकोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने इस पर मंथन शुरु कर दिया था।
इससे पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए थे। राज्य में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। हर मंडल में एक चरण में एक ही जिले में चुनाव कराया जाएगा। आयोग के मुताबिक, अगर किसी मंडल में जिलों की संख्या चार से ज्यादा है तो वहां पर किसी एक चरण में दो जिलों में एक साथ चुनाव कराए जाएंगे।
26 मार्च को अंतिम सूची जारी होगी
जिलाधिकारियों को 19 मार्च तक ग्राम प्रधान, जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत के आरक्षण से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद 20 से 22 मार्च के बीच इस प्रस्तावित सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 23 मार्च तक उम्मीदवार अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। 26 मार्च तक सभी आपत्तियों को निस्तारित कर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
डीएम की अध्यक्षता में कमेटी
शासन ने आरक्षण सूची जारी हो जाने के बाद उस पर आपत्ति जताने के लिये चार दिन का समय दिया है। सूची प्रकाशित होने के चार दिन तक वो जिला पंचायत राज अधिकारी या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकता है। समस्त आपत्ति एकत्र होने के बाद अगले दिन सभी आपत्तियां जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में एकत्र कर दो दिन में इनका निस्तारण किया जाएगा।
इसका निस्तारण जिला मजिस्ट्रेट, मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत और जिला पंचायत राज अधिकारी करेंगे। इसके बाद सूची को अंतिम रूप देते हुए दो दिनों तक डीएम द्वारा आवंटित स्थानों पर इसे चस्पा किया जाएगा।
रोटेशन लागू होगा
शासन ने ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के वार्ड आरक्षण में रोटेशन लागू करने के निर्देश दिये हैं। इसके फलस्वरूप पिछले सामान्य निर्वाचन वर्ष 2015 में आरक्षित वर्गों के लिये जिन वार्डों को आरिक्षत किया गया था उन्हें आगामी निर्वाचन में संबंधित आरिक्षत वर्ग के लिये आरक्षित नहीं किया जाएगा। बल्कि अवरोही क्रम में अगले स्टेज पर आने वाले वार्ड से आरक्षण शुरु किया जाएगा।
जिले में भिन्न भिन्न क्षेत्र पंचायतों को उनके वार्डों की कुल जनसंख्या में क्रमश एससी एसटी और ओबीसी की जनसंख्या के अनुपात के अवरोही क्रम में आवंटित की जाएगी। वह क्षेत्र पंचायत जिसके वार्ड क्षेत्र में एससी की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक हो उसको आवंटित की जाएगी। वह क्षेत्र पंचायत जिसके वार्ड में ओबीसी की जनसंख्या का अनुपात सबसे अधिक हो, उसको आवंटित की जाएगी।
जहां तक हो सके पंचायतों के सामान्य निर्वाचन वर्ष 2015 एससी एसटी को आवंटित क्षेत्र पंचायत अनुसूचित जनजातियों को आवंटित नहीं की जाएगी। एससी को आवंटित क्षेत्र एससी को आवंटित नहीं की जाएगी। ओबीसी को आवंटित क्षेत्र ओबीसी को आवंटित नहीं की जाएगी।
स्त्री के लिये आरक्षित क्षेत्र पंचायत प्रमुख पदों का आवंटन के लिये जिले की क्षेत्र पंचायतें जो एससीएसटी और ओबीसी के लिये आरक्षित हो चुकी हैं उनको हटाते हुए जो शेष हैं उन्हें सामान्य वर्ग की जनसंख्या के अवरोही कम में लगाया जाएगा।
सर्वप्रथम स्त्री पद का आवंटन उन क्षेत्र पंचायतों में किया जाएगा जो पिछले सामान्य निर्वाचन वर्ष 2015 में स्त्री श्रेणी में आवंटित नहीं है। अगर समस्त पंचायतें एक बार इस श्रेणी में आरक्षित हो गई हैं और जनपद में स्त्री श्रेणी के क्षेत्र पंचायत प्रमुख के पदों का आवंटन शेष है तो इस दिशा में 2015 में उस वर्ग के लिये आरक्षित क्षेत्र पंचायत को भी पुन: उसी वर्ग के लिये आरक्षित किया जाएगा।
डीएम ने की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा
आगामी त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2021 को सकुशल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुये डीएम के. बालाजी ने कहा कि मतदाता सूची निर्वाचन का आधार है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची सही व त्रुटिविहीन हो। ईपी रेशो को मानक अनुरूप रखा जाये।
डीएम ने निर्वाचन के लिए पोलिंग पार्टी रवाना स्थल, सामग्री, बैलेट बॉक्स आदि जमा करने के स्थल/मतगणना स्थल के चयन को अंतिम रूप देने के लिए कहा। उन्होंने अतिसंवेदनशील, संवेदनशील व अतिसंवेदनशील प्लस मतदान केन्द्रों को भी अंतिम रूप देने के लिए कहा।
असामाजिक तत्वों व समाज में वैमनस्य फैलाने वालो को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाये। अपर जिलाधिकारी वित्त सुभाष चन्द्र प्रजापति ने बताया कि जनपद में 479 ग्राम पंचायते हैं, 6373 ग्राम पंचायत वार्ड है, 824 क्षेत्र पंचायत वार्ड है तथा 33 जिला पंचायत वार्ड है। वर्तमान तक 2351 मतदेय स्थल व 865 मतदान केन्द्र है। अपर जिलाधिकारी नगर अजय तिवारी ने निरुदीकरण की कार्रवाई करने के लिए कहा।
जनता से बेहतर समन्वय स्थापित करे। इस अवसर पर सुरक्षा संबंधी बिंदुओं, मतदान व मतगणना कार्मिकों की तैनाती आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गयी व आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, अपर जिलाधिकारी भूमि अध्यापति, नगर मजिस्ट्रेट एसके सिंह, एसीएम कमलेश गोयल, चन्द्रेश कुमार सिंह, एसडीएम सदर संदीप भागिया, सरधना अमित कुमार भारतीय सहित अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
पंचायती चुनाव: एक ही मतपेटी में डलेंगे वोट
त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव को संपन्न कराने के लिये राज्य निर्वाचन आयोग ने भी पूरी तैयारी कर ली है। भले ही चुनावों की तिथि खिसकती नजर आ रही हो, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अपनी पूरी तैयारी कर ली गई है। चुनाव आयोग चुनावी प्रक्रिया को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है।
मेरठ में एक ही चरण में चुनाव संपन्न होंगे। इसके अलावा सभी पदों के उम्मीदवारों के मतपत्र भी एक ही पेटी में बंद होंगे। जिला निर्वाचन आयोग भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। इसे लेकर आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक भी होगी।
जनपद में एक ही चरण में चुनाव होने हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से पहले से ही सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। जनपद में एक चरण में चुनाव कराये जाने को लेकर निर्वाचन कार्यालय तैयार था। इसके लिये जनपद में सभी 2351 बूथ बनाये गये हैं।
इसके लिये ड्यूटी में रहने वाले कर्मचारियों का डाटा भी फीड़ किया जा चुका है। बता दें कि यहां 479 ग्राम प्रधानों के पदों, 12 ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत के 33 वार्डों के लिये चुनाव होना है। इसके लिये जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से 2351 बूथ बनाये गये हैं, जिन पर 13 लाख 35 हजार 65 मतदाता वोट करेंगे।
सहायक निर्वाचन अधिकारी आरएन पाल ने बताया कि चुनाव आयोग की गाइडलाइन के बाद उनकी ओर से पूरी तैयारी की जा रही है। बूथों को लेकर भी कार्य किया जा रहा है। यहां लाइटिंग, फर्नीचर व अन्य जरूरी चीजों के लिये संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एक ही मतपेटी में बंद होगा सबका भाग्य
सहायक निर्वाचन अधिकारी आरएनपाल ने बताया कि इस बार बीडीओ, ग्राम प्रधान, सदस्य सभी के मत एक ही पेटी में बंद होंगे। मतदान बूथों पर तीन के स्थान पर दो पेटी रखी जाएंगी। जहां उम्मीदवारों की संख्या अधिक होगी वहां पेटियों की संख्या बढ़ा दी जाएगी, लेकिन सभी पदों के सभी उम्मीदवारों के मतपत्र एक ही मतपेटी में बंद होंगे। मतदाता एक ही पेटी में अपना मतपत्र डालेंगे। उन्होंने बताया कि काउंटिंग भी क्रमानुसार की जाएगी।
पहले सदस्य पद फिर बीडीओ और ग्राम प्रधान के मतपत्रों की गिनती की जाएगी। उसी क्रम में रिजल्ट घोषित होता जाएगा। उनकी ओर से चुनाव को लेकर तैयारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक भी होनी है जिसमें महत्वपूर्ण दिशा निर्देश मिलने की संभावना है। मेरठ में एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराये जाने है। जिसे लेकर जिला निर्वाचन कार्यालय ने तैयारी भी की है।
हर मंडल में एक चरण में एक ही जिले में चुनाव होगा। जिले के सभी विकास खंडों में एक ही चरण में चुनाव संपन्न होगा। यदि किसी मंडल में जिले की संख्या-चार से अधिक है तो वहां एक चरण में दो जिलो में चुनाव कराये जाने की योजना है।
त्रिस्तरीय चुनाव और होली को लेकर शराब तस्करों पर पुलिस की पैनी नजर
त्रिस्तरीय चुनाव और होली के मद्देनजर शराब तस्करों के खिलाफ पुलिस की पैनी नजर हो गई है। पुलिस अब अपने-अपने थाना क्षेत्रों में रहने वाले शराब तस्करों की हर कार्रवाई पर नजर लगाए हुए है। ताकि त्रिस्तरीय चुनाव व होली पर तस्करी की शराब पर पाबंदी लगाई जा सकें।
यही नहीं इस बार पुलिस शराब तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने के मूड़ में दिख रही है। जिसके चलते जिले की पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है।
गौरतलब है कि हाल ही में आबकारी व परतापुर पुलिस ने एक फैक्ट्री में पानी को साफ करने की आड़ में बनाई जा रही शराब पकड़ी थी। पुलिस टीम ने इस दौरान कार्रवाई करते हुए वहां से भारी मात्रा में शराब बरामद की थी। अवैध शराब की तस्करी को लेकर पुलिस व आबकारी टीम फिलहाल सख्त हो रही है।
वहीं प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय चुनाव व होली पर्व को लेकर भी पुलिस अलर्ट हो चुकी है। जिसके लिए पुलिस ने थाना स्तर पर क्षेत्र के जिम्मेदार लोगों के साथ शांति बनाएं रखने और अवैध शराब पर पाबंदी लगाने को लेकर बैठकें कर रही है। इसके साथ अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोगों पर भी पुलिस पैनी नजर रखे हुए है। ताकि त्रिस्तरीय चुनाव व होली पर्व को शांतिपूर्वक मनाया जा सकें।
होली, चुनाव में अवैध शराब की तस्करी होती ज्यादा
शराब तस्करों की निगाह होली पर्व और चुनाव पर रहती है। ताकि वह चुनाव व होली पर ज्यादा से ज्यादा कमाई कर सकें। हालांकि पुलिस समय-समय पर शराब तस्करों पर सख्ती करती रहती है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। यही नहीं शराब तस्करी के इस कारोबार में अब महिलाएं भी अपनी पूरी भूमिका निभा रही है। महिलाओं अपने घरों से शराब तस्करी कर रही है तो उनके घर के लोग बाहर से शराब मंगाने का काम करते है।

