- चौ. अजित सिंह के समक्ष दिल्ली में थामा रालोद का दामन
- प्रदेशाध्यक्ष के आगमन से एक दिन पहले भाजपा को झटका
जनवाणी संवाददाता |
शामली: जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से अब तक जिस शख्स को प्रबल दावेदार माना जा रहा था, उसी ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव के जनपद आगमन से ठीक एक दिन पहले भगवा ध्वज छोड़कर राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के समक्ष राष्ट्रीय लोकदल का दामन थाम लिया।
क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनुसूचित मोर्चा विपिन वाल्मीकि द्वारा उठाए गए कदम से भाजपा खेमे में निराशा का माहौल है। लोकसभा या विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राजनीतिक दलों में पाले बदलने की पुरानी परिपाटी है। यह परिपार्टी अब छोटे चुनावों तक भी पहुंच गई है।
ऐसा ही बदलाव पिछले दिनों उस समय मिला जब बसपा के जनपद के कद्दावर कई नेताओं ने रालोद का दामन थामा था। ऐसा ही अब जनपद में भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी विपिन वाल्मीकि ने सोमवार को भाजपा को अलविदा कह दिया।
कैराना भाजपा मंडल प्रभारी वाल्मीकि ने दिल्ली में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के समक्ष रालोद की सदस्यता ग्रहण कर ली। विपिन वाल्मीकि ने भगवा दल से ऐसे समय किनारा किया जब भाजपा प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से ठीक पहले मंगलवार को कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देने शामली आ रहे हैं। विपिन के पार्टी छोड़ने से भाजपा में मायूसी का माहौल है।
दरअसल, विपिन वाल्मीकि की पत्नी वर्षा वाल्मीकि वर्ष 2015 में जिला पंचायत के वार्ड-17 से सदस्य पद के लिए निर्दलीय निर्वाचित हुई थी। उसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। शामली जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित होने पर उनकी विपिन वाल्मीकि की पत्नी वर्षा वाल्मीकि को भाजपा की ओर से अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन विपिन के भाजपा का दामन छोड़ने से अब पार्टी को नया दावेदार तलाशना पड़ेगा।
अनुसूचित मोर्चा के क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी विपिन वाल्मीकि हाथरस कांड के बाद से भाजपा में अपने आपको असहज महसूस कर रहे थे। विपिन से जब भाजपा छोड़ने का कारण पूछा गया तो उनका कहना था कि हाथरस में दलित समाज की बेटी के साथ गैंगरेप के बाद उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। फिर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद आधी रात में उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
यह सब सरकार के इशारे पर हुआ। वह भी तब जब हिंदू धर्म में रात्रि में अंतिम संस्कार वर्जित है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहे। सरकारी संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है। सेलरी बढ़ी नहीं और श्रम के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 कर दिए गए। भाजपा की राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी में दलित समाज को नाममात्र का प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। इसलिए भाजपा छोड़ने का निर्णय लिया है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह मंगलवार को जनपद में आ रहे हें। वह कोटद्वार से प्रात: 8 बजे चलकर पूर्वाह्न 11 बजे शामली पहुंचेंगे। उसके बाद भाजपा जिला कार्यालय पर पंचायत चुनाव जिला संचालन समिति, मंडल अध्यक्षव मंडल प्रभारी, वार्ड संयोजक, वार्ड प्रभारी तथा ब्लॉक संयोजक की बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जीत का मंत्र देंगे। उसके बाद शामली में ही युवा सम्मेलन तथा कंडेला में किसान संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद स्वर्गी बाबू हुकुम सिंह के मायापुर स्थित फार्म पर सूक्ष्म जलपान के बाद गाजियाबाद के लिए रवाना हो जाएंगे।

