- शहर के तमाम प्रमुख इलाकों में अकारण घूमने वालों की जमकर खबर ली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना संक्रमण के केसों के बढ़ने के चलते नाइट कर्फ्यू के दौरान शनिवार की रात पूरे शहर में पुलिस सड़कों पर रही। महानगर के सभी प्रमुख इलाकों खासतौर से शहरी इलाकों में पुलिस ने अकारण घूमने वालों की खबर ली। इसके अलावा बाइपास व हापुड़ रोड तथा गढ़ रोड भी सड़कों पर नजर आने वालों को सख्त हिदायत देकर घर भेजा गया।
बेगमपुल पर इंस्पेक्टर सदर बाजार बिजेन्द्र पाल सिंह सड़कों पर मोर्चा संभाले थे। बेगमपुल चौराहे से गुजरने वाले तमाम लोगों को रोक कर कड़ी पूछताछ की गयी। इसके अलावा रोडवेज बस को भी रोका गया। रेलवे रोड चौराहे से लेकर मछेरान तक एसओ रेलवे रोड इंद्रपाल सिंह ने अकारण घूमने वालों की खबर ली।

सख्ती करने के साथ ही लोगों को समझाया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जब तक बहुत जरूरी न हो, घरों से बाहर न निकलें। खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। कोरोना किसी के साथ भी रियायत नहीं करता। एसओ रेलवे रोड ने गलियों में भी गश्त की। परिवार के बडे बुर्जुगों को बच्चों को घर से बाहर न निकलने देने को समझाया। शहर घंटाघर चौराहे पर भी पुलिस की सख्ती दिखाई दी।

कोतवाली सर्किल में सीओ अरविंद चौरसिया खुद भी मोर्चा संभाले हुए थे। वह खुद सड़कों पर उतरे थे। लिसाड़ीगेट व कोतवाली इलाकों में सड़कों नजर आ रहे लोगों को डांट फटकार कर घरों में जाने की हिदायत दी।
हापुड़ रोड व गोलाकुआं पर लिसाड़ीगेट व गढ़ रोड शोहराब गेट पर नौचंदी पुलिस का डंडा चला। सेंट्रल मार्केट में इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा ने जो भी सड़क पर नजर आया उसकी जमकर खबर ली। बाइपास पर पुलिस की गाड़ियां लगातार गश्त कर रही थीं। जो वाहन नजर आ रहे थे उनसे पूछताछ की गयी।

चालान का डर: मास्क न होने पर मुंह पर बांधा बनियान
कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को लेकर पुलिस की सख्ती का डर भी अब आम लोगों को सताने लगा है। मास्क न लगाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्ती इस कदर बढ़ गई है कि 500 रुपये का चालान काटा जा रहा है। जिसके चलते अब आमजन में चालान का डर इस कदर बढ़ने लगा कि मास्क न होने पर बनियान को ही लोग अपना मास्क बना रहे है।
ऐसा ही एक मामला शनिवार को कमिश्नरी पार्क के पास देखने को मिला। जहां पर पुलिस की चेकिंग को देख ई-रिक्शा सवार एक युवक ने अपना बनियान निकालकर मुंह पर बांध लिया। मास्क को लेकर पुलिस ने कमिश्नरी पार्क पर सख्ती से चेकिंग अभियान चलाया। जिसे देख वहां अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इस दौरान पुलिस टीम ने सीट बेल्ट, हेलमेट व मास्क न लगाने वाले कई वाहन चालकों के चालान काटे।
यही नहीं इस दौरान कुछ वाहन चालकों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। यही नहीं कुछ लोगों ने सत्तापक्ष के नेताओं से बात कराने की धमकी दी तो किसी ने समाजसेवी बताकर पुलिस से पीछा छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सख्ती के सामने किसी की एक नहीं चली।
वहीं कुछ लोगों में 500 रुपये के चालान का खौफ ऐसा दिखाई दिया कि चादर तो किसी ने बनियान को मुंह पर बांधकर अपना पीछा छुड़ाया। वहीं पुलिस ने शाम के समय शहर के मुख्य बाजारों में पैदल मार्च निकालकर लोगों को मास्क लगाने के लिए जागरूक किया और बिना मास्क वाले लोगों के चालान भी काटे।
मास्क के खिलाफ अभियान
कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। प्रशासनिक अमला इसके कहर को रोकने के लिए जुट जरूर गए हैं, लेकिन लापरवाही का दौर जारी है। पुलिस कुछ स्थानों पर मास्क न लगाने वालों की चेकिंग कर चालान काट रही है। जबकि अधिकांश शहर व बाजारों में लोग अभी भी बेखौफ बिना मास्क सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यही हाल दुकानों के अंदर भी है, न दुकानदार मास्क लगाने को तैयार हैं और न ही वहां आने वाले ग्राहक।
टेम्पो व रोडवेज बसों में सवार अधिकांश लोगों के मुंह पर न तो मास्क नजर आ रहा है और न ही शारीरिक दूरी का पालन हो रहा है। बस चालक और परिचालक तो मास्क लगाते ही नहीं। कुछ चालक गमछे से ही अपना मुंह और नाक ढ़के रहते हैं। शहर में टेम्पो और ई-रिक्शा की तो बात ही मत पूछिए गाइडलाइन है कि चार से ज्यादा सवारी नहीं बिठाएंगे, लेकिन सवारी भी डबल और मास्क से पूरी तरह परहेज। अगर किसी के पास मास्क भी दिखा तो वह मुंह के बजाय ठोडी पर लटका रहता है।

