- मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं पालन, लोग नहीं पहन रहे मास्क, हो रहे लापरवाह
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोविड-19 संक्रमण एक बार फिर से अपने पैर पसारता जा रहा है। शहर में दो सौ भी अधिक संक्रमित लोग एक दिन में मिलने लगे हैं। ऐसे में शासन द्वारा सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सभी धार्मिक स्थलों में भी एक समय में पांच लोगों को प्रवेश देने को कहा गया है, लेकिन शहर के मंदिरों में पहले दिन ही सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ती नजर आई।
योगी सरकार द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि सभी धार्मिक स्थलों में एक समय में सिर्फ पांच श्रद्धालुओं को ही दर्शन कराए जाएं। साथ ही मंदिरों में मास्क, सैनिटाइजर सहित सोशल डिस्टेंस का भी खासतौर से ख्याल रखा जाए, लेकिन इसके बावजूद शहर में नजारा कुछ अलग ही दिखाई दिया।
शासनादेशों की पहले दिन ही धज्जियां उड़ती दिखाई दी। कैंट स्थित बाबा औघड़नाथ मंदिर श्रद्धा का मुख्य केंद्र माना जाता है। रविवार को दैनिक जनवाणी की टीम ने जब मौके का जायजा लिया तो मंदिर प्रशासन से लेकर श्रद्धालु तक लापरवाही करते दिखाई दिए।
शिवालय के गर्भगृह में एक समय में करीब आठ से दस लोग जलाभिषेक करते नजर आए। हालांकि प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर का प्रबंध समिति द्वारा किया गया है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग नाम के लिए भी कहीं नजर नहीं आई। वहीं, मंदिर प्रांगण में स्थित श्रीराधाकृष्ण मंदिर के परिसर में भी लोग बिना सोशल डिस्टेंसिंग और बिना मास्क के बैठे नजर आए।
वहीं, श्रद्धालुओं के साथ मंदिर के पुजारी के मुंह पर भी मास्क नहीं नजर आया। ऐसे में मंदिर समिति को कड़े कदम इस दिशा में उठाने चाहिए। गौरतलब है कि मंगलवार से नवरात्र भी शुरु होने जा रहे हैं। ऐसे में माता रानी के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की कतारे दर्शन के लिए लगती है।
इसके लिए भी जिला प्रशासन और मंदिर समितियों को सोशल डिस्टेंस मेंटेंन करने के लिए प्रबंध करने चाहिए। वहीं बाबा औघड़नाथ मंदिर के पंडित सुशील मिश्रा का कहना है कि नवरात्रि के दिन भी शुरू होने वाले हैं। वहीं, जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई दिशा निर्देश नहीं आए हैं। जैसे ही निर्देश होंगे तो मंदिर समिति द्वारा फॉलो किया जाएंगे।

