- रालोद प्रत्याशी की पत्नी ने डीएम कैंप आॅफिस पर सौंपा ज्ञापन
- उमेश कुमार की पत्नी ने जताई मतगणना में धांधली की आशंका
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: जिला पंचायत के वार्ड-19 से राष्ट्रीय लोकदल समर्थित प्रत्याशी उमेश कुमार की पत्नी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष मतगणना कराए जाने की मांग की है। उन्होंने ने संदेह जताया कि जिस तरह मतदान से दो दिन पहले उनके पति को एक पुराने मामले में विपक्षियों को चुनावी लाभ पहुंचाने की नीयत से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, अब मतगणना में भी गड़बड़ी की जा सकती है इसलिए मतगणना निष्पक्ष कराई जाए।
शनिवार को जिला पंचायत के वार्ड-19 से सदस्य पद के रालोद समर्थित प्रत्याशी उमेश कुमार की पत्नी प्रेरणा मलिक ने जिलाधिकारी कैंप कार्यालय पर ज्ञापन दिया। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि उनके पति उमेश कुमार वार्ड-19 से जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवार है।
गत 24 अप्रैल को मतदान से दो दिन पहले उनके पति को 26 जनवरी 2021 की किसान ट्रेक्टर रैली के पुराने मुकदमे को आधार बनाकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था जिससे विपक्षियों को चुनावी फायदा पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी के मामले से पहले उनके पति पर कोई वाद दर्ज नहीं है। फिर भी, उक्त मामले को आधार बनाकर रिवाल्वर लाईसेंस रदद करने की प्रक्रिया की गई।
प्रेरणा ने कहा कि उनके पति 5 वर्ष तथा ससुर 20 वर्ष ग्राम प्रधान रह चुके हैं। उमेश कुमार जिला ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष औ वर्ष 2012-15 तक जिलाधिकारी शामली की अध्यक्षता में जिला खादी ग्राम उद्योग बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं। लेकिन उसके बावजूद कुछ अधिकारियों ने असंवैधानिक तरीके से चुनाव को दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में करने के लिए उनके पति को गिरफ्तार किया। प्रेरणा मलिक ने रविवार को होने वाली मतगणना में धांधली की आशंका जताते हुए निष्पक्ष मतगणना की मांग की है।

