- आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से मुनाफाखोर सक्रिय !
- डीलरो पर दिया जा रहा है खाद्यान्न बेचने का दबाव !
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए शासन द्वारा राशन की दुकानों को खाद्यान्न की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू होने के साथ मुनाफाखोर व्यापारी गरीबों का निवाला खरीदने के लिए सक्रिय है!।आपूर्ति विभाग की शह पर मुनाफाखोर रास्ते में खाद्यान्न ब्लैक से खरीद फरोख्त करने लगे है।कोटेदारो पर जांच का भय दिखकर दबाव बनाया जा रहा है!।
सरकार द्वारा खाद्यान्न घोटाला रोकने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने की कवायद में शासन ने राशन की दुकानों पर खाद्यान्न की होम डिलीवरी कराने की व्यवस्था की है। अब तक भंडार से ही मुनाफाखोर व्यापारी कोटेदारों से गरीबों का निवाला खरीद रहे है। गरीबों का निवाला गोदाम पर ही ब्लैक से बेचने वाले कोटेदार अपनी दुकानों पर ई पोस मशीन में उपभोक्ताओं का अंगूठा लगवा कर उन्हें अंगूठा दिखाते रहे हैं।
आए दिन ऐसी शिकायतें अफसरों तक पहुंचती रही हैं। शासन द्वारा हाल ही में शुरू की गई होम डिलीवरी की व्यवस्था में भी मुनाफा खोरों ने सेंध लगानी शुरू कर दी!। बुधवार को फलावदा पहुंचे सरकारी खाद्यान्न की डिलीवरी से ही खरीद-फरोख्त की कवायद घंटों तक होती रही।
कालाबाजारी के लिए आबादी से बाहर कई घंटे तक खाद्यान्न के वाहन रोके गए। इस दौरान ब्लैक करने से इनकार करने वाले डीलर पर विभागीय मिलीभगत का हवाला देकर मुनाफाखोर व्यापारी ने दबाव बनाने का प्रयास किया।बात न मानने पर अफसरों से दुकान की जांच कराने की धमकी भी दी गई।
सूत्र बताते हैं कि खाद्यान्न डिलीवरी के दौरान गाड़ियों के साथ दिखाई देने वाले मुनाफाखोर ने क्षेत्र के कई कोटेदारों से खाद्यान्न खरीद लिया है। बताते हैं कि धांधली बाजी में शरीक विभागीय अफसर वितरण से पूर्व राशन की दुकानों पर स्टॉक चेक करने से परहेज करते रहे हैं। विभागीय संलिप्तता के चलते खाद्यान्न घोटालों पर अंकुश लगना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो रहा है।

