- समाजवादी पार्टी नेताओं ने दिल्ली-सहारनपुर हाइवे को सांकेतिक रूप से किया जाम
- राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
मुख्य संवाददाता |
बागपत: विभिन्न मुद्दों को लेकर सपाइयों ने सांकेतिक रूप से दिल्ली-सहारनपुर हाइवे जाम किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपाइयों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया। सपाइयों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। सपा मुखिया अखिलेश यादव के आह्वान पर जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान के नेतृत्व में जनपद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने समस्याओं को लेकर हंगामा-प्रदर्शन किया और जाम लगाया।
सपा नेता कलक्ट्रेट पहुंचे और दिल्ली-सहारनपुर हाइवे पर सांकेतिक रूप से जाम लगाया। इसके बाद वह जुलूस के रूप में डीएम कार्यालय तक पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सपाइयों ने एडीएम को मांगों को ज्ञापन सौंपा। सपाइयों ने कहा कि प्रदेश में किसान बेहाल है। किसानों की हालत दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। जिसका मुख्य कारण कृषि उपकरणों, खाद, कीटनाशक व बिजली की दर आदि की कीमतों में बढ़ोत्तरी हो रही है। जबकि किसान को बाजार में और न ही सरकारी मंडियों में उसकी फसलों का उचित मूल्य मिल रहा है। शिक्षा हर दिन महंगी होती जा रही है।

सरकारी व सहायता प्राप्त विद्यालयों, महाविद्यालयों के प्रबंधन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिस कारण आमजन के बच्चों को निजि संस्थानों में अध्ययन करना पड़ रहा है। भारी भरकम फीस अभि•ाावकों को देनी पड़ रही है। बेरोजगारी हर दिन बढ़ती जा रही है। प्रदेश में बेरोजगारी ने एक विकराल रूप धारण कर लिया है। कोविड 19 के मद्देनजर बड़ी संख्या में निजि क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़े वर्ग के आरक्षण पर भी चोट की जा रही है।
सरकार द्वारा दलित छात्रों को बीएड प्रवेश परीक्षा शुल्क से मुक्त रखा गया था, लेकिन वर्तमान सरकार द्वारा अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों से भी प्रवेश परीक्षा शुल्क वसूला गया, जोकि दलित समाज के हितों पर एक गहरी चोट है। सपाइयों ने कहा कि सरकार अगर व्यवस्था नहीं संभाल सकती है तो वह इस्तीफा दे दे। क्योंकि प्रदेश में इन दिनों अपराध चरम सीमा पर है। हर कोई त्रस्त है। इस दौरान महिला जिलाध्यक्ष डॉ. सीमा यादव, हाजी तराबुद्दीन, ओमवीर तोमर, हाजी शकील शाह, नगेंद्र सिंह, हाजी शकील शाह, डॉ. रियासत अली, फिरोजखान, प्रवीन कुमार, तरुण यादव, राहुल यादव, तहसीम, हाजी निजात खां, मोहित, योगेंद्र गुर्जर, राजवीर, योगेश गुर्जर, कृष्णपाल आदि मौजूद रहे।

