जनवाणी संवाददाता |
नगीना: नगर के अग्रणी समाजसेवियो ने कोतवाली मार्ग स्थित श्मशान घाट पर मां काली की विशाल मूर्ति के जर्जर फर्श, नाथ जी की समाधि, शव दाहसंस्कार स्थलों व पिंडदान स्थलों का नवीनीकरण व सौंदर्य करण कराया। नगीना के दक्षिण छोर पर स्थित कडूला नदी पर स्थित मां काली की प्रतिमा व श्मशान घाट का रख रखाव कर रहे नगर के अग्रणी समाजसेवी विशाल उर्फ मोनू गुप्ता, विकास अग्रवाल, मनोज बाल्मीकि, राकेश कटारिया, रोहित गुप्ता, विवेक राजवंशी, नवीन मल्होत्रा आदि के आपसी सहयोग से विशालकाय महाकाली के जर्जर फर्श के स्थान पर टाइल्स लगवा कर मां काली की प्रतिमा का सौंदर्यीकरण कराया, काफी समय से आधा दर्जन शव दाह संस्कार स्थल जो जर्जर अवस्था में थे उन सभी की मरम्मत करा कर नवीनीकरण किया गया है, मां काली की प्रतिमा के निकट बाबा नाथ जी की समाधि जो बिना निर्माण कर उस पर् टिन सैड डलवा कर समाधि का निर्माण कराया गया, साथ ही मंडी समिति के निकट बने 3 पिंडदान स्थल जिन्हें शरारती तत्वों द्वारा आए दिन क्षतिग्रस्त किया जा रहा था उन सभी का भी मरम्मत कार्य करा कर नवीनीकरण कराया गया है। दो दिवसीय विशेष सफाई अभियान जलवा कर श्मशान घाट को साफ सुथरा कराया गया।
विशाल उर्फ मोनू गुप्ता ने बताया कि इस श्मशान घाट पर जहां-तहां चिता जलाए जाने से चारो और श्मशान घाट पर गंदगी का साम्राज्य बन गया तथा परिसर में लगे पेडों का पतझड होने के कारण भी श्मशान घाट नाम की कोई चीज दिखाई नहीं दे रही थी जिस पर चिता जलाना और शवयात्रा मे आने वालों को बैठने के लिए तमाम परेशानियां हो रही थी। समाजसेवी व पत्रकार विकास ने नगर वासियों से श्मशान घाट में गंदगी ना फैलाने की अपील करते हुए कहा कि यह शमशान घाट किसी व्यक्ति विशेष जाति वर्ग का नहीं है बल्कि समस्त सनातन धर्म को मानने वालों का है जिसकी साफ सफाई रखना हम सबका कर्तव्य बनता है।

