- 20 वर्षों से पड़ा था कूड़ा
- नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे लोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कंकरखेड़ा में वार्ड-41 के अंतर्गत बद्रीशपुरम के नागरिक 20 वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर थे। नगर निगम कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यहां के नागरिक बड़ी मुसीबत का सामना कर रहे थे। बद्रीशपुरम में कूड़ा करकट डाला जा रहा था। जिसकी शिकायत वार्ड-41 के पार्षद और नगर निगम कर्मचारियों से की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। दो दिन पूर्व दैनिक जनवाणी ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया। खबर छपने के बाद नगर निगम कर्मचारी हरकत में आए और यहां सफाई कराई।

बद्रीशपुरम निवासी नकुल भारद्वाज सहित अन्य लोगों ने दैनिक जनवाणी समाचार पत्र का बहुत आभार जताया। नकुल भारद्वाज का कहना है कि बद्रीशपुरम के नागरिक 20 वर्षों से नरकीय जीवन जी रहे थे। वार्ड-41 के पार्षद और नगर निगम कर्मचारियों से लगातार शिकायत करने के बाद भी यहां डाली जा रही गंदगी की सफाई नहीं हो पा रही थी।
यहां के नागरिक चाहते थे कि यह कूड़ा बस्ती के बीच में ना डाला जाए, लेकिन कैलाशी हॉस्पिटल के निकट से कुछ दूरी पर लोगों ने मुख्य गेट के निकट कूड़ा डाल कर यहां बड़ी भारी गंदगी फैला दी थी। यह परेशानी लगातार चल रही थी। लोग परेशान थे जगह-जगह अधिकारियों के चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला था। दो दिन पूर्व दैनिक जनवाणी समाचार पत्र ने यहां के नागरिकों की समस्या को समझा और इसको प्रमुखता से छापा था।
जिसके बाद नगर निगम कर्मचारियों में हड़कंप मचा और शुक्रवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने 12 ट्रॉली भरकर कबाड़ को दूसरे स्थानों पर भेजा और यहां पर बड़ा कूड़ेदान रख दिया। सफाई होने के बाद और कूड़ादान रखने से यहां के लोगों में खुशी का माहौल है।
सभी दैनिक जनवाणी का हर्ष व्यक्त करते हुए आभार प्रकट कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि दैनिक जनवाणी अखबार के प्रयास से उनके क्षेत्र का नरक दूर हो गया और कर्मचारियों ने उनकी समस्या की सुनवाई की।

