Tuesday, July 27, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutलापरवाह सिस्टम, सुधरने को नहीं तैयार

लापरवाह सिस्टम, सुधरने को नहीं तैयार

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  • खाद्य गोदाम के हालात बदतर, नहीं कोई देखने वाला
  • गोदाम से पानी निकासी की नहीं व्यवस्था

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिस्टम की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां से हजारों लोगों के लिये खाद्यान्न विपणन का कार्य होता है। वही पर जलभराव हुआ है। दो दिन से यही हालात हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। हालात इस कदर खराब है कि ट्रकों को पानी में खड़ा कर खाद्यान्न उतर रहा है, लेकिन जरा उन दुकानदारों की सोचिये, जिन्हें बैलों वाली बुग्गी पर लादकर गेहूं और चावल ले जाना है वह कब तक पानी उतरने का इंतजार करेंगे।

बता दें कि पिछले कई सालों से साबुन गोदाम स्थित खाद्य एवं रसद विभाग के खाद्य गोदाम के हालात इसी प्रकार खराब है। सैकड़ों बार शिकायत करने के बावजूद विभाग की ओर से गोदाम के हालात नहीं सुधारे गये हैं। यहां कींचड़ और गंदे पानी के बीच खाद्यान्न उतरता है, लेकिन अधिकारी शायद इस ओर से आंखे मूंदे बैठे हैं।

बता दें कि यहां पर हजारों कुंतल की संख्या में चावल और गेहूं राशन की दुकानों पर जाता है। पिछले दिनों हुई बारिश का पानी यहां से अभी तक नहीं सूख पाया है। बड़े-बड़े ट्रक तो यहां पर आ जाते हैं, लेकिन दुकानदारों को यहां से राशन उठाने में समस्या हो रही है। उन्हें कई-कई घंटे तक राशन उठाने के लिये इंतजार करना पड़ता है।

यह हालात आज पहली बार नहीं है। हर बार की बारिश में यहां यही हाल होता है, लेकिन कोई यहां देखने वाला नहीं है। सिस्टम इतना लापरवाह हो चुका है कि कोई इसे सही करने वाला नहीं है। यहां से राशन उठे या न उठे किसी को इससे कोई सरोकार नहीं है। बता दें कि वर्तमान में सरकार की ओर से कोरोना के चलते माह में दो बार लोगों को फ्री राशन दिया जा रहा है।

ऐसे में दुकानदारों को दो दो बार यहां राशन उठाने के लिये आना पड़ रहा है। पहली बार का राशन वितरित हो चुका है, लेकिन अब दूसरी बार का राशस 20 जुलाई से बंटना है, लेकिन राशन उठने की व्यवस्था खराब हो चुकी है। यहां तक कि यहां तो भ्रष्टाचार के मामले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

संभागीय खाद्य नियंत्रक ने मांगी घटतौली की रिपोर्ट

जांच में हुई देरी पर जताई नाराजगी

आरएफसी के गोदामों पर घटतौली के मामले में जांच पर देरी होने पर संभागीय खाद्य नियंत्रक ने नाराजगी जताई है। उन्होंने जिलापूर्ति अधिकारी और खाद्य विपणन अधिकारी को पत्र लिखकर मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है।
मेरठ कैंट युवा कांग्रेस मेरठ कैंट विधानसभा अध्यक्ष अर्चित गुप्ता ने 15 दिसंबर को शिकायत की थी कि आरएफसी के गोदामों पर खुलेआम घटतौली की जा रही है।

यहां खाली कट्टों तक वजन भी राशन दुकानदारों को गेहूं और चावल के साथ ही जोड़ कर दिया जाता है। जिससे बड़ी मात्रा में घटतौली की जाती है। कई दुकानदारों ने भी इसकी शिकायत की थी। अगर एक दुकान पर 200 कुंतल माल उठता है तो उसे कट्टों के साथ ही इतना माल दिया जाता है।

जिससे एक ही दुकान से आरएफसी पर पांच कुंतल की घटतौली होती है। इस मामले में शिकायत होने के बाद जांचकर्ता को मामले में सही प्रकार से जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिये गये थे, लेकिन इस मामले में गंभीरता से कार्य नहीं किया गया।

जिसके बाद संभागीय खाद्य नियंत्रक मृदुल चौधरी ने इस संबंध में देरी पर नाराजगी जताई और जिलापूर्ति अधिकारी और जिला खाद्य विपणन अधिकारी को पत्र भेजकर एक सप्ताह में इसकी जांच कराये जाने और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत किये जाने के निर्देश दिये हैं। बता दें कि इस प्रकार की घटतौली के कारण सैकड़ों दुकानदारों को गोदाम से चूना लगाया जा रहा है।

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