जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम की लापरवाही के चलते बकरीद पर बवाल होते-होते बचा। आनन-फानन में पहुंचे अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला और लोगों को शांत किया। देहली गेट थाना क्षेत्र के सरायलाल दास स्थित सेठ वाली गली में खाली पड़े प्लाट में मुस्लिम समाज के लोगों ने कुर्बानी को लेकर पशु कटान किया।
लेकिन नाली चौक होने के कारण पशुओं का खून स्थानीय लोगों के घरों पहुंच गया। मामले की जानकारी होते ही मौके पर वार्ड पार्षद पहुंचे और नगर निगम के अधिकारियों समेत पुलिस बल को बुला लिया। जिसके बाद नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में नाली साफ कराई और पंप लगवाकर घरों से दूषित पानी निकलवाया।
तनाव के चलते गली में पुलिस बल तैनात किया
देहली गेट थाना क्षेत्र की सेठ वाली गली स्थित एक खाली प्लाट में आसिफ नाम के व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए पशु कटान किया। जिसके बाद पशुओं का खून छोटी नालियों से होते हुए ओडियन नाले में जाना था। लेकिन नाली चौक होने के कारण पशुओं का खून ओवरफ्लो होकर गली में रहने वाले रज्जू माहेश्वरी और संजय शारदा के घर में घुस गया।

घर में खून बहता देख दोनों परिवारों में हड़कंप मच गया। जिसके बाद मामले की जानकारी स्थानीय पार्षद पंकज गोयल को दी गई। बवाल की आशंका जताते हुए पंकज गोयल ने आनन-फानन में नगर निगम व पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
जिसके बाद सहायक नगरायुक्त बृजपाल सिंह, सफाई निरीक्षक कुलदीप, सिटी मजिस्ट्रेट एसके सिंह, एसपी सिटी विनीत भटनागर व सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में प्लॉट में पड़े अवशेष गाड़ियों में भरवाएं और घरों में भरे दूषित पानी को निकलवाने के लिए पंप लगवाया।
हालांकि इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध जताया, लेकिन अधिकारियों ने किसी तरह उन्हें समझाकर मामला शांत कराया। इसके बाद तनाव को देखते हुए एसपी सिटी ने गली में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
पाबंदी के बाद खुले में कैसे हुई कुर्बानी
सेठ वाली गली में खाली प्लाट में पशु कटान होने पर स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। लोगों का कहना था कि जब सरकार ने खुले में कटान करने पर पाबंदी लगाई हुई है तो फिर कैसे खुले में कुर्बानी दी गई।
उन्होंने नगर निगम अधिकारियों पर भी आरोप लगाया कि जब बकरीद पर शहर में जगह-जगह कुर्बानी होनी थी तो उन्हें पहले ही वहां पर पूरी व्यवस्था करनी चाहिए थी। निगम अधिकारियों की इस लापरवाही के कारण सेठ वाली गली में सांप्रदायिक बवाल होने से बाल-बाल बचा।

