जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हस्तिनापुर में लगभग एक सप्ताह पूर्व कस्बे स्थित उल्टा खेड़ा टीला पर पुरातत्व विभाग द्वारा शुरू किया गया उत्खनन का कार्य प्रतिदिन नए राज उगल रहा है।
कुछ राज मुगलकालीन तो कई मौर्य काल से संबंधित नजर आ रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी उत्खनन में निकल रहे राज एकजुट तो कर रहे हैं, लेकिन उत्खनन में मिल रहे अवशेषों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
बता दें कि कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित उल्टा खेड़ा पांडव टीले पर पुरातत्व विभाग द्वारा एक सप्ताह पूर्व उत्खनन का कार्य शुरू किया गया। कार्य की शुरूआत से ही उत्खनन में पुरातत्व विभाग को प्रतिदिन नए-नए अवशेष मिल रहे हैं।
गत दिनों उत्खनन में कई दीवारें मिली तो सोमवार को भी उत्खनन के दौरान कई प्राचीन अवशेष मिले। खुदाई के दौरान मिल रहे अवशेषों को पुरातत्व विभाग एकजुट तो कर रहा है, लेकिन किसी भी अवशेष के बारे में कुछ भी स्पष्ट बताने से इनकार कर रहा है।
बारिश के चलते बार-बार बाधित हो रहा कार्य
एक सप्ताह पूर्व पुरातत्व विभाग द्वारा उल्टा खेड़ा पांडव टीले पर शुरू किया गया। उत्खनन के कार्य में स्थानीय लोग कई बेशकीमती अवशेष मिलने की बात कर रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारियों की माने तो अभी भी उत्खनन के कार्य में कोई भी महत्वपूर्ण अवशेष नहीं मिला। वहीं, लगातार हो रहा उत्खनन का कार्य बरसात के चलते भी बार-बार बाधित हो रहा है|

