- सपा में जा सकते हैं दलित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती
- बसपा के कई धुरंधरों ने बदल लिया है पाला, आसपा में आए दो दिग्गज
मुख्य संवाददाता |
सहारनपुर: विधान सभा चुनावों में समय अभी बाकी है लेकिन, सभी प्रमुख सियासी दलों में उठापटक तेज हो गई है। बसपा हो या समाजवादी पार्टी अथवा कांग्रेस ही क्यों न हो, इसमें पाला बदलने वालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। सत्तानशीं भारतीय जनता पार्टी में भी खदबदाहट है।
यहां पाला बदल तो नहीं किंतु टिकट की दावेदारी को लेकर खींचतान तेज हो गई लगती है। बसपा के कई नेता सपा की शरण ले चुके हैं। उधर, दलित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भारती भी सपा का दामन थाम सकते हैं। इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
यह बताने की जरूरत नहीं कि अगले साल उप्र में विधान सभा चुनाव होने हैं। ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों में उठापटक काफी तेज हो गई है। सबसे पहले बात करते हैं बसपा की। इस दल का सहारनपुर गढ़ माना जाता है। लेकिन, इस बार हालात जुदा लग रहे हैं।
पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री विनोद तेजियान जैसे नेता ने अब सपा का दामन थाम लिया है। किसी समय ये बसपा के झंडाबरदार रहे हैं। पूर्व प्रमुख इमरान मलिक और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के पति माजिद अली भी बसपा को टाटा कह कर आजाद समाज पार्टी ज्वाइन कर ली है।
सूत्रों का कहना है कि बसपा के ही एक पूर्व विधायक और उनके बेटे की सपा में हाई कमान से बातचीत चल रही है। संभव है कि वह भी बसपा से कुट्टी कर लें। इसी तरह बसपा के एक पूर्व विधायक के घर वापसी की भी चर्चाएं हैं। संभव है कि वह फिर से बसपा में शामिल हो जाएं।
कांग्रेस की बात करें तो कुछ दिनों पूर्व वरिष्ठ कांग्रेस नेता इमरान मसूद के भाई नोमान मसूद ने रालोद का दामन थाम लिया। वह इसके पहले कांग्रेस में थे। बसपा की एक वरिष्ठ नेत्री के भी सपा में शामिल होने के आसार हैं। इस बीच एक और बात छन कर सामने आ रही है।
वह यह कि दलित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संत रविदास मंदिर मुक्ति आंदोलन के अगुवा रहे राहुल भारती भी समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं।
राहुल भारती का पश्चिमी उप्र और उत्तराखंड के हरिद्वार में दलितों में अच्छी साख है। हरिद्वार के हरिकीपैड़ी स्थित रविदास मंदिर को लेकर तत्कालीन हरीश रावत सरकार के दौरान राहुल ने बड़ा आंदोलन किया था। पढे-लिखे होने के साथ राहुल भारती अच्छे वक्ता भी हैं।
सूत्रों का कहना है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव राहुल भारती को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं और जल्द ही बड़े समारोह में उनकी ज्वाइनिंग हो सकती है। सपा में शामिल होने की बात पर राहुल भारती ने कहा कि-उनकी मुलाकात पिछले दिनों लखनऊ में अखिलेश यादव से जरूर हुई है किंतु वह शिष्टाचार भेंट है। इसे सपा की ज्वाइनिंग से न जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा मीडिया ही इस तरह की अफवाह फैलाता है। अभी कुछ तय नहीं है। बहरहाल, इसमें दो राय नहीं कि ज्यों-ज्यों चुनाव आ रहा है त्यों-त्यों सियासी उठापटक बढ़ गई है। चूंकि भाजपा सत्ता में है तो अभी यहां भगदड़ तो नहीं किंतु हर सीट पर दावेदारी को लेकर कई-कई नाम सामने आ रहे हैं। देवबंद, बेहट, देहात, गंगोह और सदर सीट पर भाजपा के कई-कई सूरमा हाथ आजमाने को तैयार हैं।

