- एसएसपी सख्त, एसपी सिटी को दिये जांच के आदेश
ज्ञान प्रकाश |
मेरठ: जानी थाने के एक दारोगा का दुस्साहस तो देखिये। दो साल पहले तबादला हुआ और 23 केस डायरी अपने साथ लेकर चला गया। अब उन मुकदमों की विवेचना भी नहीं हो पा रही है। सीओ सरधना ने इस संबंध में जांच की तो मामला सही पाया गया। एसपी सिटी ने भी दारोगा को चेतावनी दी, लेकिन दारोगा ने केस डायरी अभी नहीं लौटाई है। अब एसएसपी ने इस मामले में एसपी सिटी को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं।
जानी थाने में तैनात रहे दारोगा शिव शरण त्रिवेदी का गैरजनपद में मोदीनगर में 2019 में तबादला हो गया था। आरोप है कि दारोगाजी अपने साथ 23 केस डायरी लेकर चले गए। जब जानी थाने में उनकी जगह आये दारोगा को लंबित मुकदमों की विवेचना करने को कहा गया तो उनके पास इन मुकदमों की केस डायरी ही नहीं थी।
2019 में सीओ सरधना जितेन्द्र कुमार ने इस मामले की जांच की और पाया कि दारोगा शिवचरण त्रिवेदी अपने साथ 23 केस डायरी लेकर चले गए हैं। सीओ ने अपनी रिपोर्ट में दारोगा के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की है। इसके बाद भी दारोगा ने केस डायरी वापस नहीं की। जिन केस डायरियों को लेकर दारोगा गया है वो 2016 के मुकदमें की भी है।
दारोगा के पास अपराध संख्या 343/16, 11/17, 66/17, 161/17, 296/17, 35/17, 431/17, 439/17, 462/17, 565/17, 595/17, 605/17, 623/17, 650/17, 7/18, 140/18, 231/18, 249/18, 395/18, 400/18, 569/18 और 746/18 से जुड़े मुकदमों की केस डायरी मौजूद है। दारोगा को तबादले पर गए हुए दो साल से ज्यादा हो गए हैं और इन मुकदमा अपराध संख्या की विवेचना भी नहीं हो पा रही है।
हैरानी की बात यह है कि खुद दारोगा को कोई रुचि नहीं है केस डायरी वापस करने में। सीओ सरधना की रिपोर्ट में सख्त लहजों में दारोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिये कहा गया है। एसपी सिटी आफिस में कार्यरत स्टाफ ने भी दारोगा को वाट्सऐप में मैसेज भेजकर केस डायरी भेजने के लिये कहा था, लेकिन दारोगा ने जबाव देना भी जरूरी नहीं समझा।
अब एसएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एसपी सिटी विनीत भटनागर से इस दारोगा के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। एसएसपी के कड़े अंदाज के बाद दारोगा ने कुछ केस डायरियां जमा करा दी है।

