जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दीपावली और भाईदूज के मौके पर मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री अधिक होती है। जिसमें मिलावट की संभावनाएं भी अधिक हो जाती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए मिलावटखोरी रोकने के लिये खाद्य सुरक्षा एवं औषथि प्रशासन की ओर से मंगलवार को विशेष अभियान चलाया गया। जिसमें शहर से लेकर देहात तक कई जगहों से खाद्य पदार्थ के नमूने लिये गये।
4 नवंबर को दीपावली है और 6 नवंबर को भाईदूज का त्योहार है। इस मौके पर काफी संख्या में मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री होती है। ऐसे में मिलावटखोरी की संभावनाएं भी अधिक बढ़ जाती है। मिलावट खोरी रोकने के लिये खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को अभियान चला।
अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवकुमार मिश्रा के नेतृत्व में शहर से लेकर देहात तक छापामारी कर खोया व मिठाई के सैंपल लिये गये। टीम की ओर से सरधना के कालंदा से खोया का सैंपल, रिफाइंड व सोयाबीन आॅयल का सैंपल व बर्फी का सैंपल लिया गया।
इसके अलावा जागृति विहार से घी का सैंपल लिया गया है। उन्होंने बताया कि इन सैंपल को जांच के लिये लखनऊ लैब पर भेजा गया है। अभियान में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार, अमित कुमार, दलवीर सिंह, अनिल कुमार गंगवार आदि मौजूद रहे।
एमडीएम व बाल पुष्टाहार के लिए नमूने
अपर जिलाधिकारी अजय तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की एक बैठक जिलाधिकारी कार्यालय में हुई। जिसमें खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अलावा, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पराग दुग्ध के सदस्य व ड्रग्स व केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्य भी मौजूद रहे। यहां अपर जिलाधिकारी ने ईट राइट योजना के सफल क्रियान्वयन के लिये निर्देश जारी किये। अभिहीत अधिकारी अर्चना धीरान ने बताया कि इसके अतिरिक्त मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत एमडीएम के 13, बाल विकास पुष्टाहार के तीन नमूने लिये गये जो खाद्य विश्लेषक लखनऊ भेजे गये हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

