- डीएम व एसएसपी समेत पूरे प्रशासनिक अमले को हटाने की मांग
- पांच दिन में गिरफ्तारी नहीं होने पर होगा चक्का जाम
जनवाणी संवाददाता |
मोरना: व्यापारी अनुज कर्णवाल हत्याकाण्ड तूल पकड़ता जा रहा है। पंचायत में पुलिस प्रशासन विरोधी नारों के साथ सरकार से पचास लाख की आर्थिक सहायता की मांग करते हुए डीएम व एसएसपी समेत पूरा प्रशासनिक अमले का स्थानांतरण करने की मांग की गई।
भाजपा नेता मुखिया गुुर्जर के नेत्तृव में कार्यकर्ता मोरना की गलियों चौराहों पर पुलिस विरोधी नारे लगते हुए पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले केआलाधिकारी जिलाधिकारी व एसएसपी को सरकार बर्खास्त कर पूरे प्रशासनिक अमले को बदल तो पीडित परिवार को न्याय मिल सकेगा।
मुखिया गुर्जर ने कहा कि प्रशासन की सवेंदनाए मर गयी है, पीडित परिवार इनकी अनदेखी के चलते पलायन करने पर मजबूर हुआ। पुलिस प्रसासन को पांच दिन की मोहलत देते हुए कहा कि अगर पुलिस द्वारा इस मामले में कठोर कार्यवाही नहीं होती तो चौधरी चरण चौक मोरना पर चक्का जाम किया जायेगा।
मानवता के लिए अगर सरकार के विरुद्ध भी जाना पडा तो भी उससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होने कहा कि हम लोग नरेंद्र मोदी और योगी के सिपाही है जो सत्यता के लिए कठोर से कठोर निर्णय लेने मे जरा भी नहीं हिचकते। पुलिस पर हत्यारो के साथ सांठगाठ का गंभीर आरोप लगाया।

जब तक जिला शासन प्रसासन के पूरे अमले में बदलाव नही होगा तब तक यह केस नहीं खुलेगा। पीडित परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। भाकियू जिला महामंत्री सवेंद्र राठी ने कहा कि पुलिस की मिलीभगत से व्यापारी खौफजदा है, मंगलवार को पीडित परिवार ने गांव से पलायन किया और पुलिस के मुखिया कप्तान को पीडितों से मिलने तक का समय तक नहीं मिला।

पंचायत में सीओ ने दी सफाई
पंचायत में फजीहत झेल रही पुलिस की ओर से सफाई देने पहुंचे क्षेत्राधिकारी भोपा ने नेताओं को जानकारी दी कि पीडित परिवार की आर्थिक मदद के लिए शासन प्रसासन के पास लेखपाल व कानूगो द्वारा प्रपोजल भेजा जा चुका है। साथ ही उन्होने कहा कि पुलिस हत्या आरोपियो के बहुत नजदीक है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो जाएगी।
खेत पर नहीं जा रहे किसान, फसलें हुई प्रभावित
भोपा थाना क्षेत्र के गांव छछरोली वजीराबाद जंगल में मंगलवा की रात्रि में सिंचाई कर रहे किसान पर बदमाशों द्वारा फायर कर हमला करने के प्रयास के बाद खौफजदा किसानों ने खेतों पर जाना छोड़ दिया है, जिससें खेतों में खडी फसल पानी ना मिलने से सूख रही हैं। बदमाशो की दहशत से मोरना क्षेत्र के गांव ककराला, चोरावाला, भेडाहेडी, करहेडा, भुवापुर, बहुपुरा, शुक्रतारी सहित कस्बा भोकरहेड़ी के किसानो ने खेतो में खडी फसलों की सिचाई करना बंद कर दिया है।
पुराने थानोदारों को दी जिम्मेदारी एलआईयू टीम ने डेरा डाला
मोरना का चर्चित अनुज हत्याकाण्ड पुलिस प्रशासन ही नहीं बल्कि शासन के लिए भी चुनौती बना है। व्यापारी की हत्या के बाद सियासी सरर्गिमयां तेज हो गई हैं। लगातार प्रदर्शनों और आमजन की नाराजगी के बाद हत्यारोपियों को पकड़ने के पुलिस ने जाल फैला दिया है।
डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल इस सारे मामले की खुद मॉनिटरिंंग कर रहे हैं भोपा थाने पर तैनात रह चुके इंस्पेक्टर एमएस गिल सहित मौरना चौकी प्रभारी रहे जगपाल व सचिन को दोबारा से यहां लगाकर बदमाशों को सलाखों के पीछे भेजने की जिम्मेदारी दी गयी है। वहीं एलआईयू के कार्यवाहक प्रभारी इस्पेक्टर राजेश शर्मा, एसके शर्मा, रोहताश सिंह, संदीप कुमार, नरेद्र सिराही की टीम ने बदमाशों की सुरागरशी के लिए क्षेत्र में डेरा जमा लिया है।

