जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में तीन साल से जेल में बंद अधिवक्ता-कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज को बुधवार को कोर्ट ने जमानत दे दी है। उन्हें 50 हजार के निजी मुचलके पर जेल से रिहा किया जाएगा।
सुधा भारद्वाज के वकील ने उनकी रिहाई के आदेश तुरंत जारी करने की अपील की, इस पर कोर्ट ने कहा कि आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। सुधा भारद्वाज को एल्गार परिषद मामले में अगस्त 2018 में गिरफ्तार किया गया था। वह तब से भायखला जेल में बंद हैं।
सशर्त मिली रिहाई
एनआईए स्पेशल कोर्ट ने सुधा भारद्वाज को सशर्त रिहाई दी है। कोर्ट की ओर से तय की गई शर्तों के तहत सुधा को मुम्बई में ही रहना होगा, ट्रायल की तारीखों पर कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा साथ ही वह मीडिया से भी केस से जुड़ी कोई बात नहीं कर सकती हैं। वहीं उन्हें देश छोड़कर भी जाने की इजाजत नहीं है। .
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की एनआईए की याचिका
सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए बांबे हाईकोर्ट ने एक दिसंबर को उन्हें रिहा किए जाने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एनआईए स्पेशल कोर्ट को उनकी रिहाई की शर्तें व तारीख तय करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद उन्हें आज जमानत और रिहाई मिल गई है।

