जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मुंबई में कोरोना के मामले एक बार डराने लगे हैं। गुरुवार को यहां कोरोना के 3671 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस दौरान यहां 371 कोरोना संक्रमितों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई। बताया जा रहा है कि शहर में सबसे ज्यादा 20 मामले धारावी में रिकॉर्ड किए गए हैं। यह बीते सात महीनों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 18 मई को यहां सबसे ज्यादा मामले आए थे।
24 घंटे में 46 फीसदी तक मामले बढ़े
मुंबई में बुधवार को 2510 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इससे पहले मंगलवार को 1377 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे। ऐसे में बीते तीन दिन में ही कोरोना के रोजाना मामलों में आई लगभग तीन गुने की उछाल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। बीते दिन से तुलना करें, तो गुरुवार को मुंबई में कोरोना के मामलों में 46 फीसदी की उछाल देखी गई।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी आने के साथ दिल्ली और मुंबई इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। शोधार्थियों ने गुरुवार को बताया कि यहां वायरस के फैसले की रफ्तार प्रदर्शित करने वाली आर वैल्यू (रिप्रोडक्शन वैल्यू) दो से अधिक हो गई है। इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमैटिकल साइंसेज चेन्नई के शोधार्थियों के अध्ययन में सामने आया है कि चेन्नई, पुणे, बेंगलुरु और कोलकाता में आर वैल्यू एक से अधिक है।
अध्ययन टीम की अगुवाई करने वाले सिताभरा सिन्हा ने बताया कि दिल्ली में 23 से 29 दिसंबर के बीच आर वैल्यू 2.54 पर थी। वहीं, मुंबई में 23 से 28 दिसंबर के बीच यह 2.01 थी। दोनों शहरों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी देखी गई है। पुणे और बेंगलुरु में आर वैल्यू 1.11 दर्ज की गई। कोलकाता में आर वैल्यू 1.13 और चेन्नई में 1.26 रही। इन सभी शहरों में आर वैल्यू अक्तूबर मध्य से एक से ज्यादा है।

