- गढ़ीनौआबाद में हुई गणमान्य लोगों की पंचायत, जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: गत दिनों हुए कृषि अध्यादेश के विरोध में रालोद के कलक्ट्रेट पर जुलूस व धरना देने पर प्रशासन द्वारा दर्ज मुकदमों पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। इसको लेकर मुकदमे में नामजद रालोद के वरिष्ठ नेता पूर्व विधायक राजपाल बालियान के गांव गढ़ीनौआबाद में उनके आवास पर स्थानीय लोगों की पंचायत हुई।
पंचायत में वक्ताओं ने किसानों के लड़ाई लड़ने पर रालोद नेताओ पर मुकदमे दर्ज करने पर प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि सत्ताधारी दल के लोग रोज कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते है, लेकिन गरीब मजदूर किसानों की आवाज उठाने वाले दल राष्ट्रीय लोकदल के नेताओं कार्यकर्ताओ पर मुकदमा दर्ज कर शासन प्रशासन किसानों की आवाज दबाना चाहते है।

रालोद के राष्ट्रीय सचिव राजपाल बालियान ( पूर्व विधायक) ने संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अजित सिंह व जयंत चौधरी के निर्देश पर कृषि अध्यादेश केविरोध में जनपदवार आंदोलन चल रहा है। इसी के तहत गत दिनों मुजफ्फरनगर में भी जुलूस प्रदर्शन किया था, लेकिन प्रशासन द्वारा एक एजेंडे के तहत रालोद नेताओ कार्यकताओं पर मुकदमे दर्ज कर डराना चाहते है।
पिछले दिनों मंसूरपुर धरने पर भूमि अधिग्रहण, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर स्कूल फीस माफी आंदोलन आदि में भी मुकदमे दर्ज किए गए।
अब सब्र का बांध टूट चुका है। शीघ्र ही जिला संगठन से वार्ता कर और हाईकमान से निर्देश लेकर जिला प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोला जाएगा। पंचायत में वीरेन्द्र प्रधान, सत्यपाल प्रधान, जितेन्द्र बालियान, साबू कुरैशी, विपिन गहलोत व नरेन्द्र आदि मौजूद रहे।

