- सपा प्रत्याशी को भीष्मनगर गांव में सिक्कों में तोला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हस्तिनापुर की ऐतिहासिक धरती पर सपा-रालोद प्रत्याशी पूर्व विधायक योगेश वर्मा अपार जनसमर्थन मिल रहा है। बसपा के कमजोर प्रत्याशी के चलते भी दलितों में उनकी गहरी पैठ बनती जा रही हैं। बसपा के मूल कैडर वोट पर भी सपा-रालोद गठबंधन ने एक तरह से सेंधमारी कर दी हैं। बसपा ने इस बार प्रत्याशी चयन में चूक की हैं, जिसके चलते बसपा संगठन स्तर से भी ऐसे प्रत्याशी की चाहकर भी मदद नहीं कर पा रही हैं। सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा की पकड़ दलितों में भी मजबूत होती जा रही हैं।
यही नहीं, गुर्जर समाज के जगबीर गुर्जर को कड़ा नेता माना जाता हैं, वह भी खुलकर योगेश वर्मा के समर्थन में कूद गए हैं, जिसके बाद चुनाव की तस्वीर जुदा हो गई हैं। गुर्जरों का एक बड़ा वर्ग भी सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा के समर्थन में आ गया हैं। इससे भाजपा को बड़ा झटका लगा हैं। दलितों के बाद हस्तिनापुर में गुर्जरों का बड़ा वर्चस्व हैं। गुर्जर में जिस तरह से सपा-रालोद ने सेंधमारी की हैं, वह दूसरे दलों को संकट में डाल सकता हैं।
इस बात को भाजपा भी जानती हैं, लेकिन गुर्जर अधिवक्ता की आत्महत्या का मामला भाजपा प्रत्याशी के लिए भारी पड़ रहा हैं। इसके अलावा दादरी (गाजियाबाद)में मिहिर भोज की मूर्ति पर भाजपा शासन में कालिख पोतने के मामले में भी भाजपा को भारी नुकसान हो रहा हैं। ये तथ्य का भी भाजपा प्रत्याशी को जगह-जगह सामना करना पड़ रहा हैं। सपा प्रत्याशी योगेश वर्मा मिहिर भोज के भाजपा शासन में हुए अपमान का मुद्दा भी खूब उठा रहे हैं।
उधर, मवाना के गांव भीष्मनगर (भैंसा) में सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी योगेश वर्मा का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान ब्राह्मण समाज के नेता उमेश शर्मा के नेतृत्व में भैंसा व आसपास के गांवों के लोगों ने योगेश वर्मा को सिक्कों में तोल कर समर्थन देने का ऐलान किया। इस मौके पर उमेश शर्मा ने कहा कि योगेश वर्मा ने हमेशा ब्राह्मणों का सम्मान किया है।
इसलिए इस बार समाज के लोग साइकिल का बटन दबाकर योगेश को विधानसभा पहुंचाएंगे। वहीं, योगेश वर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज को जिस प्रत्याशी को आशीर्वाद मिल जाता है, उसकी जीत निश्चित हो जाती है। विधायक बनने के बाद वह हमेशा समाज के लोगों की सेवा करेंगे। इस मौके पर राजपाल शर्मा, रविंद्र शर्मा, दीपक शर्मा, प्रदीप शर्मा, रोहित शर्मा, जयपाल शर्मा, पंडित ज्ञानचंद शर्मा आदि मौजूद रहे।

