- नौकरी से निकाला गया था गैस एजेंसी से, 2.51 लाख किए बरामद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेडिकल थानांतर्गत पीवीएस के पास स्थित सांसद कांता कर्दम की गैस एजेंसी में लूट करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 2.51 लाख रुपये बरामद किये गए हैं। पकड़े गए एक बदमाश का कहना था कि बाइक का कर्ज चुकाने के लिये उसने लूट की थी। पुलिस ने लूट में प्रयुक्त बाइक और तीन तमंचे बरामद किये हैं।
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आठ फरवरी को थाना मेडिकल पर सूचना दी गई कि मोटरसाईकिल सवार दो लड़के अज्ञात अभियुक्तों द्वारा वादी के नौकर विकास कुमार की स्कूटी को गिराकर बैग में रखे 3,41,920 रुपये छीनकर फरार हो गए हैं।
सर्विलांस टीम ने विशाल पुत्र अजीत सिंह निवासी गली नंबर-चार लक्ष्मण पुरी थाना ब्रहमपुरी, पंकज पुत्र सुरेश निवासी ग्राम घाट थाना परतापुर और निशांत पुत्र प्रेमपाल निवासी ग्राम बाफर थाना जानी को तीन तमंचों, बाइक तथा घटना में लूटे गये 2,51,000 समेत गिरफ्तार किया गया है।
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ पर अभियुक्त विशाल पुत्र अजीत सिंह द्वारा बताया गया कि अब से लगभग छह वर्ष पहले चेतना गैस एजेंसी में काम करता था, लेकिन एजेंसी के मैनेजर का व्यवहार ठीक न होने के कारण मैने वहां से नौकरी छोड़ दी थी।
पंकज पुत्र सुरेश तथा विशाल हम दोनो साथ में क्रिकेट खेलते थे । इसलिए दोनों में अच्छी दोस्ती थी। विशाल को जानकारी थी कि चेतना गैस एजेंसी का कैशियर प्रतिदिन अच्छा खासा कैश लेकर जाता है। इस बारे में उसने अपने दोस्त पंकज को बताया था।
पंकज ने विशाल को अपने गांव के धर्मेंद्र उर्फ फुल्लू पुत्र ब्रजलाल तथा दोस्त निशांत से मिलवाया था तब चारों ने मिलकर गैस एजेंसी के कैशियर से कलेक्शन का पैसा लूटने की योजना बनायी थी। चारों ने मिलकर गाजियाबाद से एक प्लसर बाइक चुराई थी। घटना करने से पहले इसी चोरी की काली पल्सर से विशाल तथा धर्मेंद्र उर्फ फुल्लू व पंकज रैकी करने के लिये चेतना गैस एजेंसी के पास आये थे और एजेंसी के कर्मचारी को पैसा ले जाने का समय नोट कर लिया था।
उसके बाद चारों पुन: रैकी करने के लिए आये थे। जब अभियुक्तों को कैश ले जाने वाले कर्मचारी और उसके टाइम से कन्फर्म हो गये तो कुटी चौराहे के पास सर्विस रोड पर पकंज तथा निशांत ने गैस एजेंसी के कर्मचारी की स्कूटी रुकवाकर पैसों का थैला छीन लिया था।
विशाल तथा धर्मेंद्र उर्फ फुल्लू बाइक लेकर सड़क के दूसरी तरफ खडेÞ हुए थे। लूट करने के बाद चारों बदमाश बाइकों से भाग गये थे। सुभारती मेडिकल कालेज के पास जाकर हमने पैसे गिने थे। उनको कुल 2,80,900 मिले थे। विशाल को 55 हजार रुपये, निशांत को 20 हजार रुपये तथा पंकज को 1,80,000 रुपये दिये थे। बाकी पैसा धर्मेंद्र ने अपने पास रख लिया था और कहा था कि बाद में हिसाब किताब कर लेंगे।

