- भरी आंखों से बुजुर्ग महिला ने सुनाई आपबीती
- पुत्रवधु को दे रहे थे धमकियां, नौकरी छोड़ने के लिए किया मजबूर
- इज्जत की खातिर चुपचाप सहते रहे जुर्म
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिस सूदखोर की वजह से योगेन्द्र सिंह ने आत्मघाती कदम उठाया उसने एक और परिवार को तबाह कर दिया। पीड़ित व उसकी बुजुर्ग मां ने भरी आंखों से अपनी आप बीती बताई। वहीं पुलिस अभी भी इस सूदखोर को गिरफ्तार करने में कामयाब नहीं हो सकी है।

गत 11 फरवरी को सूदखोरों की ज्यादती के शिकार योगेंद्र ने कार में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इसी सूदखोर राजकुमार सिरोही के शिकार युवक पंकज रस्तोगी व उसकी मां पूनम रस्तोगी ने आपबीती सुनाई। पूनम ने बताया कि उसके बेटे पंकज ने सूदखोर राजकुमार से पांच लाख रुपये काम के सिलसिले में सूद पर लिए थे।
उस समय दो प्रतिशत ब्याज देने की बात कही गई थी, बाद में ब्याज बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया। उसके बाद सूदखोर हथियारबंद लोगों के साथ घर पर आने लगा और पैसे वापस करने को लेकर धमकियां देने लगा। धमकियों से डरी पुत्रवधु इतनी घबरा गई थी कि वह घर छोड़कर चली गई। अब पिछले 10 माह से वह घर पर नहीं लौटी है। सूदखोर उनके पोते के अपहरण की धमकियां दे रहा है।
जहां पर भी शिकायत की गई वह यही कहते है कि आपने सूद पर पैसे लिए है तो आप ही देखो, असली बात कोई नहीं समझता। डर की वजह से पुत्रवधु के चले जानें के बाद पूरा घर बरबाद हो गया। पौत्री भी अपनी मां के इंतजार में है, पढ़ाई करता है, लेकिन मां के चले जाने का दुख उसके चेहरे पर साफ देखा जाता है।
सूद पर पैसे लेने वाले पंकज रस्तोगी का कहना है कि उसने 2017 में दो लाख रुपये से लेनदेन शुरू किया था, जो छह लाख तक पहुंच गया। इसके बदले सूदखोर ने उसके और पत्नी व मां के साइन करे ब्लैंक चेक ले लिए। इसके बाद ब्याज को पहले छह प्रतिशत किया गया उसके बाद 10 व 15 प्रतिशत तक पहुंचा दिया।
इसके साथ ही 10 प्रतिशत की पेनाल्टी भी लगाई गई। हर माह डेढ़ से दो लाख रुपये वसूला जाता था। सूदखोर द्वारा बेटे आकाश व नौकर गौरव को हथियारों के साथ लाकर धमकि यां दी जाती थी। पत्नी के साथ भी अभद्रता की जाती थी। पत्नी मोदीपुरम में एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षिका थी, लेकिन बस अड्डे पर उसके साथ बदसलूकी की जाती थी।
जिस वजह से उसे नौकरी छोड़नी पड़ी। अब बेटे के अपहरण की धमकियां दी जा रही है। इस मामले को लेकर एसएसपी प्रभाकर चौधरी से भी मिले, इसके बाद सीओ क्राइम को लिखित व थाना नौचंदी में मौैखिक तौर पर शिकायत की। हालांकि पुलिस ने काफी मदद की है।
इस मामले में पीड़ित पक्ष ने मदद की गुहार लगाई है, वहीं योगेन्द्र सिंह की मौत के बाद पुलिस सूदखोर आरोपी राजकुमार सिरोही की तालाश में दबिशें दे रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही पीड़ितों को इंसाफ मिलने की उम्मीद है।

