जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक जारी है। इस बैठक में भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। भारत ने कहा है कि यूक्रेन व उसके आसपास के इलाकों में रह रहे 20 हजार से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। इस बीच अमेरिका ने भी रूस को कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने यूक्रेन के टूटे टुकड़ों में नए निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए प्रयास शुरू हो गया है। मंगलवार सुबह एयर इंडिया का विशेष विमान यूक्रेन रवाना हो गया है। भारत की ओर से 200 से अधिक सीटों वाले ड्रीमलाइनर बी-787 विमान को विशेष अभियान के लिए तैनात किया गया है।
यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि, हम शांति चाहते हैं। हम अपने कार्य करने में सक्षम हैं और राजनयिक समझौते के लिए प्रतिबंध हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन किसी भी उकसावे के आगे नहीं झुकेगा।
युद्ध के हालातों के बीच यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि, हम रूस से वार्ता के लिए टेबल पर लौटने की मांग करते हैं। इस दौरान यूक्रेन ने रूसी कब्जे वाले भागों में अतिरिक्त सेना की तैनाती की निंदा की। यूक्रने ने तुरंत सैन्य वापसी की मांग की।
यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस ने कहा कि, पूरे मसले के राजनयिक समाधान के लिए अभी भी द्वार खुले हैं। हालांकि, डोनबास में हम रक्तपात नहीं चाहते हैं। हमारा ऐसा कुछ भी इरादा नहीं है। लेकिन, अमेरिका के नेतृत्व में हमारे पश्चिमी सहयोगियों द्वारा निभाई गई नकारात्मक भूमिका ने हमें मजबूत कर दिया है।
अमेरिका ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। पूर्वी यूक्रेन के दो क्षेत्रों डोनेत्स्क एवं लुहांस्क को स्वतंत्र देश की मान्यता दिए जाने के बाद अमेरिका ने सख्त कदम उठाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए जिसके तहत अमेरिकी नागरिक और व्यापारी इन दो क्षेत्रों में किसी तरह का निवेश, कारोबार एवं वित्तीय सहायता नहीं कर पाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमेरिका ने रूस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि, अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के लिए रूस जिम्मेदार है। अमेरिका कल तक और कड़े कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि, यूक्रेन हमारा सहयोगी देश है। उस पर हमले की त्वरित प्रतिक्रिया दी जाएगी। इस समय कोई भी किनारे पर खड़ा नहीं हो सकता।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि, रूसी संघ के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गहरी चिंता का विषय है। इन घटनाक्रमों में क्षेत्र की शांति और सुरक्षा खंडित होगी। उन्होंने कहा कि, 20,000 से अधिक भारतीय छात्र और नागरिक यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। भारतीयों की सुरक्षा प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि, भारत दोनों पक्षों को संयम बरतने के साथ कूटनीतिक प्रयास तेज करने पर जोर देता है।
रूस-यूक्रेन संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक जारी है। इस बैठक में भारत के प्रतिनिधि ने ने कहा कि यूक्रेन में शांति बहाली जरूरी है। भारत की ओर से कहा गया कि, हमारी प्राथमिकता वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा है। दरअसल, यूक्रेन में बहुत से भारतीय छात्र व अन्य नागरिक फंसे हुए हैं।

