Monday, March 23, 2026
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कार्यालय के बाहर किसानों ने चढ़ाया चुल्हा

  • पनचक्की चालू कराने को सिंचाई भवन में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसान और मजदूर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ब्रिटिश काल में गंग नहर पर बनी पनचक्की बंद होने से किसान और मजदूर वर्ग आक्रोशित हैं। उनको चलाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, मगर सिंचाई विभाग किसानों की मांग की अनदेखी कर रहा है। आरोप है कि वादे के बाद भी पनचक्कियों को चालू नहीं किया जा रहा है। उनकी मांग पर अमल नहीं होने से बुधवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।

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सैकड़ों किसान-मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली से सिंचाई भवन पहुंच गए और अधिशासी अभियंता कैनाल के कार्यालय पर डेरा डालकर अनिश्चति कालीन धरना शुरु कर दिया। दोपहर में दफ्तर के बाहर ही चुल्हा चढ़ाकर खाना बनाया गया और मांग पूरे नहीं होने तक धरने पर ही डटे रहने का ऐलान किया है।

लंबे समय से हिन्द मजदूर सभा के बैनर तले किसानों का भोला झाल पर धरना चल रहा था। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्था पर किसानों ने फरवरी तक का समय पनचक्की चलाने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिया था, मगर उनकी मांग को विभागीय अफसरों ने वादे के बाद भी पूरा नहीं किया। इसी बात से गुस्साए किसान-मजदूरों का जत्था बुधवार को सिंचाई भवन में धरने पर आ डटा है।

पूरी तैयारी के साथ अधिशासी अभियंता कैनाल के कार्यालय पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने अफसरों के दफ्तर के बाहर ही तंबू गाडकर चुल्हा चढ़ा दिया। दोपहर में यहीं खाना बनाकर अपनी मांगों के समर्थन में धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं का दल भी शामिल है।

किसानों का आरोप है कि जिन पनचक्कियो के संचालन का दायित्व सिंचाई विभाग के है, इनके संचालन में भी अधिकारी अपना निजी हितलाभ ढूंढ रहे हैं। भोलाझाल की पनचक्की पर अनाज पिसाई की दरें बढ़ाने के लिए ठेकेदार को प्रबंधकीय दायित्व दे दिए गए हैं। एक रुपए की दर से पांच किलो अनाज की पिसाई की दरों में ठेकेदार द्वारा 10 गुना अधिक की वृद्धि की गई है।

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किसान-मजदूर सभी वर्ग के हितों की अनदेखी कर ठेकेदार ने महकमे के अधिकारियों की शह पर पनचक्की को बंद कर दिया है। पनचक्की के बंद किये जाने व पिसाई की दरे बढ़ने से भोलाझाल के गरीब-मजदूर-किसान कमजोर वर्ग परेशान है, मगर उनके हितों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केवल अफसर अपना हित ही देख रहे हैं और पिसाई का ठेका छोड़ने में साठगांठ की जाती है।

ये रहे मौजूद

कामरेड रविपाल सिरोही, सफाई कर्मचारी नेता विनेश विधार्थी, सर्वेश ढडरा, पार्षद टीसी मनोठिया, प्रेमनाथ ढींगरा, श्यामवीर वाल्मीकि, नफीस अहमद, सुशील स्टीफन, इकराम खेड़की, सतेंद्र चौधरी, भोपाल चिदौड़ी, प्रदीप आजमपुर, सुरेंद्र मेजर, गुलाब सिसौला।

गंग नहर पर ब्रिटिश काल में बनी थी पनचक्की

गंग नहर पर पनचक्की का निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था। किसानों का कहना है कि चितौडा, सलावा, माकडी, मसूरी व भोला झाल पर ब्रिटिश हुकुमत ने गरीब, मजदूर, किसान आदि कमजोर वर्ग के लिए पनचक्की बनाई थी, मगर इन पर गंग नहर विभाग के अधिकारी कुंडली मारकर बैठ गए हैं। कमजोर वर्ग के हितों की अनदेखी की जा रही है।

बेनतीजा रही किसानों की अफसरों से वार्ता

बुधवार की शाम उपजिलाधिकारी सदर संदीप भागिया, अधिशासी अभियंता कैनाल नीरज कुमार लाम्बा और गंग नहर विभाग के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता बेनतीजा रही। हालांकि अफसरों ने धरनारत किसानों की मांग पर कृषक विश्राम केन्द्र पर ताला लगवा दिया है, मगर अन्य मांगों पर सहमति नहीं बन सकी है। जिसके बाद किसान-मजदूर यूनियनों ने धरने को अनवरत जारी रखने की घोषणा की है। इस बात की पुष्टि हिंद मजदूर सभा के जिला मंत्री विनेश विधार्थी ने देर रात की।

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