- एमडीए वीसी ने दोषियों की मांगी सूची, कार्रवाई की तैयारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) उपाध्यक्ष अवैध निर्माण को लेकर गंभीर हो गए हैं।उपाध्यक्ष जेई व मेट पर गाज गिरा सकते हैं। इसकी सूची प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने मांगी हैं। उपाध्यक्ष के कड़े रुख के बाद अवैध निर्माण कराने वाले इंजीनियरों में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि शासन स्तर पर यदि उपाध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए लिख दिया तो कई इंजीनियरों की गर्दन फंस सकती हैं।
प्राधिकरण उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी ने तीन दिन पहले ही शहर में चल रहे अवैध निर्माणों का मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया था। साथ में उनकी पूरी इंजीनियरों की टीम मौजूद थी। अवैध निर्माण मिलने पर टीम को उपाध्यक्ष ने हड़काया था तथा इंजीनियरों को निलंबित करने की भी चेतावनी दी गई। प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने शहर में करीब 50 से ज्यादा अवैध निर्माणों की सूची मौके पर पहुंचकर तैयार की है।
इन सूची के आधार पर संबंधित इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि दोषी इंजीनियरों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने के लिए शासन को लिखा जाएगा, जिस पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा प्राधिकरण के जो मेट हैं।
उनकी 26 लोगों की सूची तैयार की गई है, जिनकी अवैध निर्माण को लेकर जवाबदेही बनती है। उन पर भी निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। इसको लेकर प्राधिकरण में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष ने पूरी प्लानिंग करने के बाद ही अवैध निर्माणों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तथा जो शिकायत थी वह सही पाई गई।
इसके बाद कार्रवाई की तैयारी चल रही है। 26 मेट की सूची उपाध्यक्ष को दी गई हैं, जिन पर कार्रवाई की जा सकती है। बाकी इंजीनियरों पर कार्रवाई शासन स्तर से होगी। शासन को इसमें लिखा जा सकता हैं। क्योंकि प्राधिकरण उपाध्यक्ष अवैध निर्माण के सवाल पर पूरे सख्त हैं।
पर्दे की आड़ में बन रहे फ्लैट
मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकारी अवैध निर्माणकर्ताओं पर मेहरबान है। यही वजह है कि पर्दे की आड़ में फ्लैट बन रहे हैं। सरकार भले ही अवैध निमार्णों पर रोक लगाने की बात करती रहे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां भू-माफिया जो खुद पर भाजपा नेताओं के प्रतिनिधि बताकर मेरठ विकास प्राधिकरण के अधिकरारियों पर दवाब डालते हैं तथा अवैध निर्माण करा रहे हैं।
ऐसे कई मामले सामने आये हैं, जिनकी शिकायत प्राधिकरण में भी की गई, मगर कार्रवाई कुछ नहीं की। अधिकारियों के सामने ही हो रहे निर्माण ओर पर्दा लगाकर हो रहे हैं। अवैध निर्माण को इंजीनियर पूरा करवा रहे हैं। सूत्रों का कहना है जेई स्तर से अवैध निर्माणों को बढ़ावा मिल रहा है।
महत्वपूर्ण यह भी तथ्य है कि आला अफसरों को दिखावा करने के लिए सिर्फ नोटिस भेज दिये जाते हैं। गांधी नगर में पर्दे की आड़ में थ्री पीएस के फ्लेट बन रहे हैं, वहीं गढ़ रोड पर राधा गोविंद के बराबर में निर्माण किया जा रहा हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं की।

