जनवाणी संवाददाता |
खेकड़ा: कृषि विज्ञान केंद्र पर शनिवार से किसानों के लिए तीन दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया गया। किसानों को कृषि के विषय में तकनीकी जानकारी दी गई।
शनिवार को कृषि विज्ञान केंद्र पर किसानों के लिए तीन दिवसीय कृषि तकनीकी कार्यक्रम में कृषि विज्ञान प्रभारी डॉ गजेंद्र पाल ने कहा कि किसानों को चक्रवार खेती करनी चाहिए। इसके लिए किसानों को दलहनी खेती करना भी बहुत जरूरी है। क्योंकि, मूंग, उर्द, अरहर की खेती में करनी चाहिए, क्योंकि दलहनी फसलों के पत्तो से खेतों में खाद बनता है, जों खेतो की उपजाऊ क्षमता को बढ़ा देता है।
डॉ रविन्द्र कुमार मर्दा वैज्ञानिक ने कहा कि समय-समय पर मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी की जांच करवाते रहे। पोषक तत्वों की कमी के कारण फसलों में कीट ज्यादा लगते है, जिससे फसलें खराब होती है। इसके लिए खेतो में जैविक खादों का अधिक उपयोग करें।
डॉ भूपेंद्र ने कहा कि अच्छी फसलें प्राप्त करने के लिए बीज भी अच्छा होना चाहिए। जिसका जमीर्नेशन अच्छा होगा तभी फसल भी अच्छी होगी। वहीं उत्पादन भी बढ़िया होगा। डॉ सन्दीप चौधरी ने कहा कि किसान सहफसली खेती पर भी ध्यान दे।
फसल बोते समय उसमे सब्जी भी उगाने प्रयास करें। गन्ने की फसल बोते समय उसमें प्याज, टमाटर, भिंडी, खीरे, आदि फसल उगा सकते है। इससे किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होगा। इस अवसर पर सेलकराम, अनुज, श्याम सिंह, धर्मपाल, किरनपाल, राधेश्याम, ननका, किशन चंद, हरिओम आदि मौजूद रहे।

