- नेशनल शूटर हैदर अंसारी ने को ब्लड डोनेट कर दिया मानवता का परिचय
- महिला को थी तीन यूनिट खून की आवश्यकता, भाई से भी कराया रक्तदान
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: नफ्सा-नफ्सी के इस दौर में जहां धर्म को लेकर राजनीति की जाती है। धर्म के नाम पर मॉप लिचिंग की जाती है, ऐसे में भी इंसानियत अभी जिन्दा है। ऐसी ही इसांनियत की मिसाल पेश की है नेशनल शूटर हैदर अंसारी व उसके भाई साजिद अंसारी ने।
अंसारी बंधू ने जिला अस्पताल में भर्ती एक हिन्दू महिला को रक्तदान कर उसकी जान बचाई। महिला की हालत बेहद गंभीर थी और उसका हिमोग्लोबिन मात्र 4.5 रह गया था तथा उसे तीन यूनिट खून की आवश्यकता थी।
हिन्दुस्तान एक ऐसा देश हैं, जिसमें विभिन्न धर्मों व जातियों के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं, परन्तु राजनीतिक लोगों के निजी स्वार्थ के चलते यहां अक्सर धर्मों व जातियों में बांटा जाता है, परन्तु इस बात को कोई नहीं झुठला सकता है कि सभी धर्मों के लोगों की रगों में एक ही खून दौड़ता है।
हिन्दुस्तान में आज भी ऐसे लोग जिन्दा हैं, जो लगातार नफरत की राजनीति करने वालों को ठेंगा दिखा रहे हैं। मुजफ्फरनगर में ऐसी ही मिसाल उस समय पेश आई। हुआ यूं कि मुजफ्फरनगर के बुढाना निवासी नेशनल शूटर हैदर अंसारी एवं उनके भाई साजिद अंसारी अपने किसी निजी कार्य से मुजफ्फरनगर आये हुये थे।
जब अंसारी बंधू वापिस अपने घर जा रहे थे, तो जिला अस्पताल के पास चैराहे पर एक बच्ची को उन्होंने रोते हुए देखा। दोनों भाई रूक गये और बच्ची से उसके रोने का कारण पूछा। बच्ची ने बताया कि उसकी मां का नाम रीना है और वह बेहद बीमार है, जो जिला अस्पताल में भर्ती है।
उसकी मां को तीन युनिट खून की आवश्यकता है, क्योंकि उसकी मां का हिमोग्लोबिन मात्र 4.5 रह गया है। यदि उसकी मां को खून नहीं चढ़ाया गया, तो उसकी जान चली जायेगी। दोनों भाइयों ने बच्ची की बात सुनी, तो उनका दिल पसीज गया और दोनों भाइयों ने महिला को खून देने का निर्णय लिया। दोनों भाइयों ने ब्लड बैंक में जाकर ब्लड डोनेट किया और उसके बाद ब्लड बैंक से मिले दोनों कार्डो से रीना के ग्रुप का ब्लड दिलाया।
नेशनल शूटर व उसके भाई द्वारा किये गये कार्य की लोगों ने सराहना की। इस दौरान हैदर अंसारी ने बताया की की समाज सेवा बड़ा कोई कार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने सभी को इंसान बनाया है, जबकि दुनिया के लोगों ने उसे जाति व धर्म में बांट दिया है। इंसानों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने कहा में तथा मेरा भाई किस्मत वाला है, जो अल्लाह ने उन्हें रीना को ब्लड देने के लिए चुना। ब्लड डोनेट के बाद रीना के परिजन बेहद खुश और अंसारी बंधुओं को ढेरों दुआएं दी।

