Tuesday, May 28, 2024
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…और खत्म हो गया अमृतसरी नॉन बनाने वाले का परिवार

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  • बाप-बेटे बंगला 210 बी के माल गिरने से हुए थे खत्म पत्नी भी चल बसी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कभी-कभी कोई हादसा पूरे परिवार के खात्मे का सबब बन जाता है। शहर को अमृतसरी नॉन का स्वाद चखाने वाले दीपक शर्मा का आर आर माल में शर्माजी का ढाबा पूरे शहर में प्रसिद्ध था। ऐसा कोई नहीं था जो इस ढाबे के स्वादिष्ट खाने का गुलाम न हो गया हो। 10 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने जब आरआर माल को हाईकोर्ट के आदेश पर ध्वस्त किया उसमें दीपक शर्मा और उसका बेटा हनी बेमौत मारे गए थे। परिवार में बची पत्नी भी मौत के मुंह में समा गई। एक पूरा परिवार देखते देखते खत्म हो गया।

दीपक शर्मा पूरे शहर का चहेता था। पहले शिव चौक पर बाद में आर आर माल में दुकान लेकर ढाबा चलाने वाले दीपक शर्मा के लिये 10 जुलाई 2016 का दिन काल का गाल बनकर आया। हाईकोर्ट के आदेश पर जब आर आर माल को गिराया गया उस वक्त दीपक शर्मा अपनी दुकान के अंदर था और अपने सो रहे बेटे हनी को जगाने गया था। बुलडोजर और जेसीबी मशीन के प्रहारों से जैसे ही माल धराशायी हुआ, उसमें चार जानें समा गई। दीपक के ढाबे पर काम करने वाले ओमवीर और गोविंदा की भी दर्दनाक मौत हुई थी।

दीपक की मौत के बाद उठावनी की रस्म के दौरान ही सभी मृतकों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई। बैनर लगाकर सरकारी नौकरी की मांग भी रखी गई थी। दीपक शर्मा का बड़ा भाई जितेन्द्र जो बादशाह के नाम से जाना जाता था, उसकी हालत भी खराब रही।

कुछ दिन दुकानों में काम करने के बाद वो पूरी तरह से गुम हो गया। दीपक की मौत के बाद मिली धनराशि के अलावा उसकी पत्नी को कुछ भी नहीं मिला था जबकि कैंट बोर्ड ने दुकान और सरकारी नौकरी देने का वायदा किया था। बताया जाता है दीपक की पत्नी गंभीर बीमारी का शिकार होकर चल बसी और उसके सदर स्थित मकान पर दीपक के नजदीकी रिश्तेदारों ने कब्जा कर लिया। अब इस परिवार का नाम लेने वाला कोई नहीं बचा।

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