Tuesday, May 28, 2024
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पुरातत्व विभाग ने अवैध निर्माणकर्ता के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

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  • निर्माणकर्ता के खिलाफ पुरातत्व विभाग पहले भी करा चुका है मुकदमा

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: महाभारत कालीन तीर्थ नगरी स्थित प्राचीन पांडव टीले के पास अवैध निर्माणकर्ताओं के हौसले बुलंद है। विभागीय कार्रवाई के बाद भी एक साल में दूसरी बार निर्माण किया जा रहा था। पुरातत्व विभाग की ओर से फिर से उसी निर्माणकर्ता के खिलाफ थाना हस्तिनापुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद निर्माण फिलहाल रुक गया है।

महाभारत कालीन तीर्थ नगरी स्थित पुरातत्व सर्वेक्षण की परिधि के 200 मीटर तक निर्माण कराए जाना प्रतिबंधित है, लेकिन अवैध निर्माण करता आए दिन प्रतिबंध के बाद भी निर्माण कार्य करते आ रहे हैं। कुछ दिन पूर्व पुरातत्व की परिधि के अंदर अवैध निर्माण शुरू किया गया। पुरातत्व सर्वेक्षण हस्तिनापुर उप मंडल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक अनुराग मलिक ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि संरक्षित स्मारक टीला उल्टा खेड़ा हस्तिनापुर के उत्तर पूर्व दिशा में 18 मीटर निषिद्ध/विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत सूक्ष्म प्रधान पुत्र महेंद्र द्वारा अवैध रूप से दुकानों का नव निर्माण किया जा रहा है।

जोकि निषिद्ध क्षेत्र की परिधि के अंतर्गत है। यह निर्माण प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम 2010 की धारा 30(क) व 30(ख) के अनुसार दंडनीय अपराध है। अनुराग मलिक की तहरीर पर हस्तिनापुर पुलिस ने संबंधित धाराआें में एफआईआर दर्ज कर ली है। पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा सूक्ष्म प्रधान के खिलाफ एक साल बाद दूसरी बार इसी तरह के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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पिछले साल 22 अगस्त को पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षण सहायक रोहित ने सूक्ष्म प्रधान के खिलाफ इन्हीं धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। दोनों जमीनें एक दूसरे से सटी हुई हैं। एक साल बाद फिर से निर्माण शुरू कर आरोपी ने नियम कानून को धता बता दिया है।

सिसौली में फिर मिले गोवंश अवशेष, अज्ञात में मुकदमा

मुंडाली: सिसौली के जंगल में गोवंश अवशेष मिलने की सूचना पर ग्रामीणों में रोष फैल गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कर अवशेषों को गड्ढे में दबाया। ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात गोकशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। शुक्रवार सुबह सिसौली निवासी किसान को जागृति डिग्री कालेज के निकट सगीर के खेत में गोवंश अवशेष पड़े दिखे। उसने ग्रामीणों को सूचना दी। जिस पर गांव में रोष व्याप्त हो गया।

ग्राम प्रधान प्रवीण तोमर को लेकर सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को घटना से अवगत कराया। एसओ वीरपाल सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कर घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया। तत्पश्चात पुलिस ने अवशेषों को गड्ढे में दबवाया। एसओ का कहना है कि घटना बीती रात की प्रतीत होती है। ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात गोकशों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

मामले की जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि मुंडाली के ठाकुर बाहुल्य गांवों सिसौली और मऊखास के जंगल में पूर्व में भी कई बार गोवंश अवशेष मिले हैं। जिनमें पुलिस कई गोकशों को जेल भेज चुकी है। अहम प्रश्न यह है कि ठाकुर बाहुल्य गांवों में बार-बार गोकशी कौन और क्यों कर रहा है? गोकशी के पीछे कोई नापाक मंसूबे तो नहीं?

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