- जिला और मेरठ बार के पदाधिकारियों को कुछ ही घंटों में कार्रवाई का आश्वासन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अधिवक्ता ओमकार तोमर आत्महत्या के मामले में गंगा नगर पुलिस की रिपोर्ट पर अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किये हैं। न्यायालय जेएम द्वितीय मेरठ के में पुलिस ने पांच आरोपी मुकेश पत्नी राजकुमार, राजकुमार पुत्र सुरेंद्र, आशीष पुत्र राजकुमार, रवित पुत्र राजकुमार व स्वाति पुत्री राजकुमार पत्नी लव कुमार निवासी गुर्जर चौक खतौली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लेने के लिए प्रार्थना की।
जिस पर न्यायालय ने पांचों आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अधिवक्ता ओमकार तोमर की आत्महत्या के बाद से पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को लगातार चौथे दिन भी अनशन जारी रहा। मंगलवार को अनशन का नेतृत्व पूर्व अध्यक्ष एमपी शर्मा द्वारा किया गया।
अनशन में अशोक शर्मा, योगेंद्र शर्मा, रविकांत भारद्वाज, कुंवरपाल शर्मा, प्रबोध शर्मा, अरुण शर्मा, हरिओम शर्मा, सुभाषदत्त शर्मा, सुधीर शर्मा, मनोज गौड़, मनोज शर्मा, सुदर्शन शर्मा, विपिन शर्मा, हिमांशु गौड़, सचिन शर्मा, अश्वनी शर्मा, सुनील मलिक आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
एडवोकेट की सदस्यता हुई समाप्त
मेरठ बार के प्रस्ताव का उल्लंघन करते हुए एक एडवोकेट शहादत को एसीजेएम पांच की अदालत में जमानती पेश करते हुए पाया गया। जिसके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से अधिवक्ता की मेरठ बार की सदस्यता समाप्त की गयी है।
अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन चौथे दिन भी जारी
अधिवक्ता ओमकार तोमर की आत्महत्या के बाद से पुलिस प्रशासन ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर सोमवार को लगातार चौथे दिन भी अनशन जारी रहा। मंगलवार को अनशन का नेतृत्व पूर्व अध्यक्ष एमपी शर्मा द्वारा किया गया।
अधिवक्ता आत्महत्या प्रकरण में एडीजी कार्यालय पर हंगामा
वकील आत्महत्या मामले में आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर वकीलों ने मंगलवार को एडीजी आॅफिस पर चढ़ाई कर दी। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी व हंगामा किया। बाद में मेरठ बार एसोसिएशन व जिला बार के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल एडीजी राजीव सब्बरवाल से मिला। एडीजी ने वकीलों को चंद घंटों में ही ठोस कार्रवाई को लेकर खबर मिलने का भरोसा दिलाया।
हालांकि प्रतिनिधि मंडल की सबसे ज्यादा नाराजगी इस मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाले वकीलों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को लेकर थी। उन्होंने कहा कि पुलिस की नाकामी के खिलाफ आवाज उठाने वाले वकीलों पर कार्रवाई किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
एडीजी ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद सभी एफआईआर खत्म करा दी जाएंगी। वकीलों की ओर से एक ज्ञापन भी एडीजी को दिया गया। जिला बार अध्यक्ष वीके शर्मा, महामंत्री मुकेश त्यागी, मेरठ बार के अध्यक्ष महावीर सिंह त्यागी, महामंत्री सचिन चौधरी व वीरेन्द्र वर्मा काजीपुर की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि अधिवक्ता ओमकार तोमर जिन्होंने 12 फरवरी को आत्महत्या की है, ने अपनी सुसाइट नोट में विधायक व अन्य पर अनेक गंभीर आरोप लगाए हैं।
अधिवक्ता को मौत को लगे लगाने को उकसाया गया है। इतने दिन बाद भी आरोपियों की इसलिए गिरफ्तारी नहीं की जा रही है क्योंकि वो सभी प्रभावशाली हैं। इतना ही नहीं आरोपी इस मामले को गलत रूप देने में लगे हैं ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ न मिल सके, लेकिन अधिवक्ता समाज इस मुद्दे पर चुप बैठने वाला नहीं। यदि आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे प्रदेश के अधिवक्ता हड़ताल पर चले जाएंगे।
उन्होंने शीघ्र गिरफ्तारी, मृतक के पुत्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लिए जाने, पीड़ित परिवार की सरकार की ओर से आर्थिक मदद की भी मांग की है। एडीजी आॅफिस पहुंचे वकीलों की संख्या का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भीड़ का एक सिरा जेल चुंगी पर था तो अंतिम सिरा महिला थाना पर। इस दौरान पूर्ण हड़ताल रही।

