Thursday, August 18, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsShamliगुरु तेग बहादुर का बलिदान दिवस पर स्मरण

गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिवस पर स्मरण

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  • कहा, गुरुजी के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए

जनवाणी ब्यूरो |

शामली: सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कालेज में सिखों के नौवें गुरु ‘गुरु तेगबहादुर ‘का बलिदान दिवस मनाया गया। इस दौरान उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।

शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं गुरु तेगबहादुर के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता सचिन कुमार ने कहा कि गुरु तेगबहादुर सिखों के नौवें गुरु थे, जिन्होंने प्रथम गुरु नानक देव द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण किया।

उन्होंने कश्मीरी पंडितों तथा अन्य हिंदुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाने का विरोध किया। सन् 1675 में मुगल शासक औरंगजेब ने उन्हें इस्लाम कबूल करने को कहा लेकिन गुरु तेगबहादुर ने कहा कि ‘शीश कटा सकते है, केश नही‘। 19 दिसम्बर 1675 ई. को दिल्ली के चांदनी चौक में गुरु साहिब का शीश धड़ से अलग कर दिया गया। अत: आतातायी शासक की धर्मविरोधी और वैचारिक स्वतन्त्रता का दमन करने वाली नीतियों के विरूद्ध गुरु तेगबहादुर जी का बलिदान एक अभूतपूर्व ऐतिहासिक घटना थी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य आनन्द प्रसाद शर्मा ने बताया कि गुरुजी धर्म, सत्य, जनकल्याणकारी कार्यों के पक्षधर थे। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके जीवन से हमें प्रेरणा मिलती है और मिलती रहेगी। कार्यक्रम का संचालक सोमदत्त आर्य ने किया।

इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य मलूक चन्द, मोहर सिंह, नीटू कुमार कश्यप, पवन कुमार, पुष्पेन्द्र कुमार, अंकुर कुमार, मधुबन शर्मा, अंकित भार्गव, ब्रजपाल सिंह, मुदित गर्ग, महेन्द्र सिंह योगेन्द्र सैनी, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।

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