Wednesday, February 28, 2024
HomeUttar Pradesh NewsMeerutबजरंग दल नेता के चचेरे भाई को गोली मारी

बजरंग दल नेता के चचेरे भाई को गोली मारी

- Advertisement -
  • गंभीर हालत में अस्पताल में कराया भर्ती, भीड़ ने आरोपियों को पीट-पीटकर किया अधमरा

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: रविवार को सरधना के अटेरना गांव में युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस दौरान उनमें जमकर लाठी-डंडे चले। एक युवक ने बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख के चचेरे भाई को गोली मार दी। जबडेÞ को पार करती हुई गोली गर्दन में जाकर फंस गई। गोली की आवाज सुनकर दौड़े ग्रामीणों को देख आरोपियों में भगदड़ मच गई। आरोपी बाइक छोड़कर भाग खड़े हुए।

ग्रामीणों ने दो आरोपियों को दबोच लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। पुलिस ने युवकों को भीड़ से किसी तरह बचाया और अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, गोली लगने से घायल युवक को मेरठ भर्ती कराया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

18 2

कोतवाली क्षेत्र के अटेरना गांव में बाहरी छोर पर रविवार को कुछ युवक जमा हुए। जहां युवकों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि युवकों के गुट में जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान एक युवक ने तमंचे से फायरिंग कर दी। गोली कुशावली गांव निवासी बजरंग दल के प्रांत सुरक्षा प्रमुख मिलन सोम के चचेरे भाई लखन पुत्र महेश के जबड़े को पार करते हुए गर्दन में जा फंसी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीणों की भीड़ उस ओर दौड़ पड़ी।

भीड़ को देखकर आरोपी बाइकें छोड़कर मौके से फरार हो गए। भीड़ ने दो आरोपियों को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने आरोपियों को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवकों को किसी तरह भीड़ से बचाया और उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया। साथ ही घायल लखन को मेरठ अस्पताल भेजा गया। जहां युवक की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से आरोपियों की कई बाइक भी कब्जे में ली हैं।

20 2

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में लगी हुई है। पुलिस जांच में सामने आ रहा है कि युवकों में पहले भी झगड़ा हुआ था। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रताप सिंह का कहना है कि अटेरना गांव में युवकों के बीच झगड़ा हुआ था। जिसमें को युवक को गोली लगी है। जांच में सामने आया है कि युवकों में पहले भी झगड़ा हुआ था। मामले की जांच की जा रही है।

पहले भी हुआ था युवकों में झगड़ा

पुलिस जांच में सामने आया है कि युवकों में पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका है। करीब एक सप्ताह पूर्व भी झगड़ा हुआ था। इसके बाद दो दिन पूर्व संत चार्ल्स इंटर कॉलेज के निकट युवक भिड़ गए थे। जिसके बाद आज बात यहां तक पहुंच गई।

कोर्ट ने मांगी पुलिसकर्मियों की लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज

मेरठ: परतापुर पुलिस ने तीन जनवरी को दो युवकों पर फर्जी रूप से गांजा बरामद कर एनडीपीसी एक्ट लगाकर कोर्ट में पेश कर दिया, लेकिन अभियुक्तों ने जज के सामने पुलिस का चिट्ठा खोल दिया गया कि उन्हें पुलिस ने शुक्रवार पैंठ में अनार के ठेले से उठाकर उन पर फर्जी तरीके से 2200 ग्राम गांजा दिखाकर उन पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। जबकि उन्हें एक दिन पहले उठाकर हवालात में रखा गया।

लेकिन पुलिस ने एक दिन बाद उन पर कार्रवाई कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने अभियुक्तों को गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों की दो और तीन फरवरी की मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फु टेज को कोर्ट में पेश करने के लिए कहा है। उधर यह भी चेतावनी दी गई है कि पुलिसकर्मी यह तर्क न दे कि फोन और सीसीटीवी कैमरे बंद थे। या फु टेज खराब हैं। उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। कोर्ट के इस आदेश के बाद परतापुर पुलिस में हड़कंप की स्थिति बनी है।

परतापुर पुलिस ने 3 फरवरी 11 बजे मौहम्मद आहिल पुत्र मौहम्मद सुलेमान निवासी गुर्जर चौक लिसाड़ी गांव, सुहैल पुत्र पप्पू को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1100, 1100 ग्राम गांजा बरामद कर गिरफ्तारी दिखाई। उसके बाद उन्हें अपर सत्र न्यायधीश न्यायालय संख्या-14 एनडीपीसी एक्ट में पेश किया। विवेचक मोहित सक्सैना ने न्यायिक अभिरक्षा रिमांड पत्र प्रस्तुत कर रिमांड मांगा। कोर्ट में जज के सामने दोनों अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें पुलिस ने दो फरवरी की शाम 7 बजे अनार के ठेले पर से उठाया और उन्हें रात भर अवैधानिक रुप से हिरासत में रखा।

उन पर फर्जी गांजा दिखा दिया। कोर्ट द्वारा अभियुक्तों का रिमांड तीन फरवरी से लेकर पांच फरवरी तक स्वीकृत करते हुए परतापुर थाना प्रभारी और विवेचक को निर्देश दिये हैं। कि उन पुलिसकर्मियों की दो फरवरी से लेकर तीन फरवरी तक की मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज कोर्ट में पेश करे। सीओ ब्रहमपुरी के सीयूजी नंबर पर कॉल करने की मोबाइल स्क्रीन शॉट भी पेश की जाये।

कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए यह निर्देशित किया है अगर थाने से यह रिपोर्ट भेजी जाती है कि सीसीटीवी कैमरे खराब थे या फुटेज बेकार हो गई या कोई भाग डिलीट हुआ तो संबंधित थानाध्यक्ष के विरुद्ध उपधारणा की जायेगी। विवेचक को भी संबंधित फुटेज पैनड्राइव में न्यायालय के अवलोकन के लिए 5 फरवरी को प्रस्तुत की जाये। कोर्ट के इस आदेश के बाद परतापुर पुलिस की नींद उड़ी है।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments