- कुछ अफसरों के बडेÞ खेल की सुगबुगाहट, डीजी डिफेंस तक जाएगा मामला
- कैंट बोर्ड बैठक में मनोनीत सदस्य ने पूछा किसी को छोड़ा किसी को तोड़ा ऐसा क्यों?
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: छावनी के बीसी लाइंस स्थित बंगला 146 के जिस नक्शे को पूर्व में सब एरिया की गंभीर आपत्ति के चलते स्वीकृति पर बैरियर डाल दिया था शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में कैंट बोर्ड अफसरों द्वारा उसको एकाएक स्वीकृति दिए जाने के पीछे के निहितार्थ तलाशे जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर जानकारी मिली है कि इस पूरे मामले को लेकर एक चार लाइन की मेल डीजी डिफेंस को भेजी गई है। पूरे मामले को लेकर तमाम जानकारियां जुटाकर रक्षा मंत्रालय के उच्च पदस्थ को भेजी जाने की भी बात सुनने में आयी है।
कैंट बोर्ड की स्पेशल बोर्ड बैठक शुक्रवार को हुई। ऐसा लगा मानों 146 के नक्शे की स्वीकृति के लिए ही यह बैठक की गई। हालांकि इसके अलावा कई अन्य मुददे भी उठाए। वाहन पार्किंग ठेकों पर भी चर्चा हुई। बोर्ड में मनोनीत सदस्य डा. सतीश शर्मा के इस सवाल पर कि अवैध निर्माण के कुछ मामलों में तोड़ दिया जाता है और कुछ को छोड़ दिया जाता है ऐसा क्यों है। एई पीयूष गौतम ने सफाई दी किएनक्रोचमेंट ओर नक्शे से अलग हो रहे निर्माण कार्रवाई के दायरे में आते हैं। इसके अलावा बैठक में बोर्ड बैठक में आय के सोत्र बढाने समेत अन्य विषयों पर चर्चा हुई।
146 का नक्शा पास
बोर्ड बैठक में जीओसी इन सी के द्वारा पास किये गए बीसी लाइंस के बंगला संख्या 146 के मामले को बोर्ड के संज्ञान के लिए रखा गया। जिसे बोर्ड द्वारा नोट कर लिया गया। विदित हो के उक्त बंगले के नक्शे को पास करने के लिए जब कुछ समय पहले भवन स्वामियों द्वारा कैंट बोर्ड में दाखिल किया गया था तो उक्त नक्शे पर सब एरिया के आॅब्जेक्शन पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष द्वारा नक्शे को रोक दिया गया था। जिसके उपरांत बंगले के स्वामित्व रखने वाली बिलवन्त कौर हरेंद्र कौर लखविंदर कौर व सोनिया वालिया द्वारा उक्त मामले की जीओसी इन सी के पास अपील की गई थी जिसपर विचार करने के उपरांत उक्त नक्शे को स्वीकृत कर लिया गया।
इसके अलावा डा. सतीश शर्मा ने डोर-टू-डोर कूड़ा न उठाने की शिकायत की। सफाई अधीक्षक वी के त्यागी ने बताया के इस कार्य मे प्रयोग किये जाने वाले 30 ई रिक्शा में से 10 ई रिक्शा खराब पड़े हैं। उनकी बात सुनकर सीईओ जाकिर हुसैन ने जल्द ही ई-रिक्शा ठीक करवाने के लिए कहा। बोर्ड अध्यक्ष द्वारा भी जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। इसके अलवा सेंट मैरिज पर 11 करोड़ का टैक्स बकाया होने के बाद भी वहां का बिल्डिंग प्लान पास कर दिए जाने पर डा. सतीश शर्मा ने हैरानी जतायी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मामले का संज्ञान होता तो पहले टेक्स जमा करवाने की बात करते। उन्हें बताया गया कि वो स्कूल कहता है कि वो चैरिटी स्कूल है और टैक्स के दायरे में नही आता और इसी विषय को लेकर कोर्ट में केस भी चल रहा है।

