- पार्षदों ने की अफसरों पर आरोपों की बौछार, हंगामा
- महानगर के कूड़े से बिजली बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पार्षदों ने जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर की वसूली को लेकर हंगामा किया। उन्होंने इसे जनता पर थोपने का आरोप लगाया। भाजपा के पार्षदों ने अफसरों पर इसे लागू कर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया। भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि जीआईएस को नहीं रोका गया तो वह महानगर के बाजार बंद कराकर जनता को लेकर सड़कों पर उतर आएंगे। सर्वसम्माति जीआइएस सर्वे के आधार पर गृहकर की वसूली पर रोकने का निर्णय लिया गया।
पार्षदों ने अफसरों पर उनकी सुनवाई न करने और भ्रष्टाचार करने के आरोप जड़े। उन्होंने अफसरों ने जवाब तलब किए। कार्यकारिणी ने महानगर से निकलने वाले कूड़े से बिजली बनाने के लिए एनटीपीसी को 43 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को हरी झंडी दे दी। इससे 1100 मैट्रिक टन कूड़े का निस्तारण होगा। एसटीपी प्लांट चालू होंगे, जिससे सीवर की गंदगी से खाद तैयार होगी और उसके पानी को साफ करके खेती के लायक बनाया जाएगा। प्राइवेट सैप्टिक टैंक वालों का रजिस्ट्रेशन करके उनकी गंदगी भी एसटीपी में ली जाएगी।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के ब्रहस्पति भवन में हुई बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों ने निगम के अधिकारियों पर आरोपों की झड़ी लगा दी गई। विभिन्न अनुभागों के प्रभारियों पर सुनवाई न करने के आरोप लगाए गए। जीआईएस सर्वे के आधार पर गृहकर की वसूली को लेकर राजीव गुप्ता काले ने कहा कि यह जनता विरोधी है, अफसर इसे थोपकर भाजपा सरकार को बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। इसे नहीं रोका तो वह अपने संयुक्त व्यापार संघ के बैनर तले बाजार बंद कराकर विरोध में जनता लेकर सड़कों पर विरोध करेंगे।
भाजपा पार्षद रेखा ठाकुर ने जीआईएस 2021 में कराया गया, पर 2019 से बनारस, गोरखपुर में लागू करने का झूठ अफसर बोल रहे हैं। सभी पार्षदों ने जीआईएस पर विरोध जताया और इसपर रोक लगाने का प्रस्ताव पास किया। जिसपर महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने मुहर लगा दी। स्वयं कर प्रणाली से पहले जिन 1.75 संपत्तियों पर गृह कर लागू नहीं हुआ। उनपर गृहकर लागू होगा। एआईएमआईएम के पार्षद फजले करीम ने 15 वित्त आयोग के पैसे से मलिन, दलित व अल्पसंख्यक बस्तियों में विकास कराने की मांग की।
उन्होंने जल निगम द्वारा डाली गई सीवर लाइन को हैंडओवर करने से पहले ही नगर निगम द्वारा सीवर टैक्स के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसे तुरंत रोका जाए। महापौर ने इसे रोकने का आदेश दिया। राजीव गुप्ता ने महानगर में स्ट्रीट लाइटें खराब होने का मुद्दा उठाया और ईईएसएल कंपनी का ठेका निरस्त करने की मांग की। मेयर ने भी इस पर नाराजगी जताई। अपर नगरायुक्त ने बताया कि ईईएसएल कंपनी ने कांवड़ यात्रा के दौरान स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का कार्य शुरू किया। अब रोजाना पांच-पांच लाइटें ठीक की जा रही हैं।
सपा पार्षद कुलदीप कीर्ति घोपला ने कहा कि शताब्दीनगर में यह कहकर सफाई नहीं की जाती कि यह कालोनी हैंडओवर नहीं हुई, पर वहां डंपिंग यार्ड बना दिया। वहां से कूड़ा नहीं हटवाया जा रहा। महापौर ने कूड़ा हटवाने के आदेश दिए। भाजपा पार्षद विक्रांत ढाका ने कहा कि जलकल अनुभाग ने दो वर्ष में उनके वार्ड में एक भी हैंडपंप नहीं लगाया। लोग पानी को परेशान हैं। नगरायुक्त अमित पाल शर्मा ने इसे प्राथमिकता पर कराने का भरोसा दिलाया। भाजपा पार्षद प्रदीप वर्मा ने मोदी रबर पर 100 करोड़ का बकाया है, इसी तरह बड़े बकायेदारों से वसूली क्यों नहीं होती?
जिस वार्ड से जितना टैक्स मिलता है, उसके अनुपात में उस वार्ड में विकास कार्य कराने चाहिए। भाजपा पार्षद पवन चौधरी ने हर वार्ड में एक स्मार्ट रोड बनाने वहां तिरंगा लगाने और वहां कूड़ा कहीं डाला नहीं जाए। महापौर ने इसपर सहमति जताई। भाजपा पार्षद संजय सैनी ने वाहन डिपो में तेल का घोटाला होने का मुद्दा उठाया। कहा कि कई माह से वाहन खराब खड़े हैं, पर उनके नंबर पर तेल निकाला जा रहा है।
इसकी जांच हो। सपा पार्षद नाजरीन ने हर वार्ड में 80-80 लाख रुपये के विकास कार्य कराने की मांग की। सपा पार्षद राहत जहां ने शहर से डेरियों को बाहर करने की मांग की। सपा पार्षद नाजरीन शाहिद अब्बासी ने सफाई के लिए आउट सोर्सेज कर्मचारी लगाने की मांग की। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में सैनिकों, लेडीज व पार्षदों के लिए अलग काउंटर बनवने की मांग की गई।
संविदा, आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ ने उठाई समस्याएं
भारतीय संविदा व आउट सोर्सिंग कर्मचारी संघ ने डिप्टी मेयर विमला देवी को ज्ञापन देकर अपनी समस्याएं उठार्इं। उन्होंने 2415 सफाई कर्मचारियों की संविदा को बहाली को कार्यकारिणी में पास करने की मांग की। संघ के अध्यक्ष दिनेश सूद और महामंत्री अंकुश महरोल द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि हापुड़ अड्डे का नाम वाल्मीकि समाज के गौरव हवलदार मातादीन वाल्मीकि के नाम पर रखने, सफाईकर्मियों का दस लाख रुपये का बीमा नगर निगम द्वारा कराने, सफाई कर्मचारियों के लिए स्वीपर वेल्फेयर सोसाइटी बनाने, हाजरी स्थल पर कर्मचारियों के बैठने, स्वच्छ पीने का पानी व शौचालय की सुविधा देने की मांग की। महानगर में आबादी के अनुसार सफाईकर्मियों की भर्ती करने की मांग भी उठाई गई। सफाईकर्मियों व उनके परिवार को इलाज के लिए पैनल के अस्पताल की सुविधा देने की मांग भी की गई।

